आगरा। आगे-आगे सड़क बनेगी, पीछे-पीछे राम बारात चलेगी! जनकपुरी (दयालबाग) में विकास कार्यों की गति देखकर कुछ ऐसा ही लग रहा है। आयोजन में कुछ ही घंटे बाकी रह गए हैं, लेकिन सड़कें तक ठीक नहीं हो पाई हैं।
जानकी का डोला निकलने में महज 36 घंटे शेष हैं और बारात के मिथिला नगरी पहुंचने में 48 घंटे, लेकिन जनकपुरी का हाल ये है कि आयोजन का मुख्य मार्ग केंद्रीय हिंदी संस्थान अभी तक ऊबड़ खाबड़ पड़ा है। विकास प्राधिकरण इस मार्ग का निर्माण करा रहा है, लेकिन वह भी नगला बूढ़ी के पास से। एक लेन पर अभी तक लाल गिट्टी पड़ी है तो एक लेन पर डामर का पहला कोट ही हो सका है, वह भी आधा-अधूरा। सेंट्रल बर्ज तो बन ही नहीं सका है।
मुख्य मंच से लेकर दयालबाग की ओर जाने वाली सड़क का सेंट्रल बर्ज भी अधूरा है। दयालबाग के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आयोजन किया जा रहा है, लेकिन कुछ खास हिस्सों को छोड़ दिया जाए तो तमाम कालोनियां और गलियां ऐसी हैं जहां विकास कार्य कराए ही नहीं जा रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि अब लीपापोती की जा रही है। आयोजन कमेटी के सदस्य भी निशाने पर हैं। आरोप है जिन कालोनियों में कमेटी से जुड़े लोग रहते हैं उनके घरों के आगे सब चमाचम है। बाकी गलियों का बुरा हाल है। हालातों को देखकर नहीं लगता है कि समय पर विकास कार्य पूरे हो पाएंगे।
मऊ चौराहे पर अतिक्रमण, बस बेखबर
मऊ चौराहे पर अतिक्रमणों के कारण भीषण जाम लगा रहता है, आयोजन के समय क्या स्थिति होगी, अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। चौराहे पर टैंपो, ठेल, चाय के खोखों की वजह से सड़क संकरी हो जाती है। इस तरफ प्रशासन का ध्यान नहीं है।
नगर निगम को जो विकास कार्य कराने थे वे लगभग पूरे हो चुके हैं। केवल एक सड़क पर एचडीवीसी होनी है, वह गुरुवार तक हो जाएगी। सफाई व्यवस्था के लिए टीम लगी है।
- सुरेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
लगभग 80 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं। सड़क का निर्माण जल्द हो जाएगा। सेंट्रल बर्ज में पत्थर लगाने का काम आयोजन के बाद भी हो सकता है। जरूरी काम पहले कराए जा रहे हैं।
- शिवराज सिंह, अधीक्षण अभियंता, विकास प्राधिकरण