आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण में सूचना अधिकारियों की भरमार है। एक-दो तो छोड़िए, यहां एक प्रथम अपीलीय अधिकारी के अलावा एक दर्जन से अधिक जन सूचना अधिकारी हैं और लगभग चार दर्जन सहायक जनसूचना अधिकारी हैं। यह अलग बात है कि इसके बावजूद 90 से ज्यादा सूचनाएं लंबित हैं। किसी को तयशुदा वक्त पर सूचना उपलब्ध नहीं हो पा रही।
एडीए का काम शहर का समुचित और सुव्यवस्थित विकास करना है। मगर, विभाग के अधिकांश अधिकारी विकास कार्यों के बजाय सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए सवालों का जवाब ढूंढने में लगे हैं। जनसूचनाएं तैयार कराने का प्राथमिक उत्तरदायित्व सहायक जनसूचना अधिकारी पर है। संबंधित जनसूचना अधिकारी का एकल उत्तरदायित्व होगा कि नियत अवधि से पूर्व जन सूचनाएं सीधे आवेदक को प्रेषित कराए। प्रेषित सूचनाओं की एक प्रति नोडल अधिकारी जनसूचना/संयुक्त सचिव को उपलब्ध कराएंगे। इस कार्य के लिए विभाग ने सूचना और सहायक सूचना अधिकारियों की एक फौज खड़ी कर दी है। इतने सबके बावजूद विभाग में तमाम मांगी सूचनाएं लंबित हैं। तमाम प्रार्थियों को अब तक अपने सवालों के जवाब नहीं मिल पाए हैं। बता दें कि अमूमन एक विभाग में एक ही जनसूचना अधिकारी, एक सहायक जनसूचना अधिकारी और एक प्रथम अपीलीय अधिकारी की व्यवस्था है।
इनसेट
हो सकता है आज अधिकारी न मिलें
शुक्रवार को इलाहाबाद सूचना आयोग में मेगा कैंप है। सूत्रों के मुताबिक, इस कैंप में एडीए के भी दर्जनभर से अधिकारी सूचना अधिकारी और सहायक जनसूचना अधिकारी फाइलें लेकर जा रहे हैं। यह उन सूचनाओं की फाइलें हैं, जिनके जवाब नहीं दिए गए हैं।
इनसेट
प्रभावित हो रहे विकास कार्य
इतने अधिकारियों को विभाग ने सूचनाओं का जवाब देने के कार्य में लगा दिया है। ऐसे में शहर के विकास से जुड़े दूसरे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विभाग के 75 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्य में लगा दिया गया है। जिसकी वजह से वह दूसरे कामों को छोड़कर इसी पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।