आगरा। नई तकनीक से टीबी की शुुरुआत में ही डाइग्नोसिस संभव होगी। नैपकॉन-2014 में इस पर अध्ययन होगा। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियंस और इंडियन चेस्ट सोसायटी की ओर से आयोजित 16वीं नेशनल कांफ्र्रेंस में दुनिया भर के तीन हजार विशेषज्ञ जुटेंगे। यह जानकारी एसएन मेडिकल कालेज के क्षय एवं वक्ष रोग विभागाध्यक्ष डा. संतोष कुमार ने दी।
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होटल जेपी पैलेस में होने वाली चार दिवसीय वर्कशाप में सात सौ शोध पत्र पढ़े जाएंगे। इसमें एसएन से तीन हैं। बेस्ट पेपराें की स्टडी पर इलाज की गाइड लाइन तय होगी। डा. जीवी सिंह ने बताया कि एलर्जी टेस्टिंग, स्लीप डिसआर्डर, स्मोकिंग, लंग इन्फेक्शन जैसी तमाम बीमारी पर भी सेशन होगा। वर्कशाप के मुख्य अतिथि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) प्रो. जमीरुद्दी शाह और विशिष्ट अतिथि डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल होंगे।