नोटबंदी के दौरान एक करोड़ रुपये से ज्यादा जमा करने वालों को सबसे पहले जनवरी में नोटिस भेजे गए। अब बारी पांच लाख रुपये से ज्यादा जमा करने वालों की है। फरवरी की शुरुआत से ही आयकर विभाग की ओर से ऐसे लोगों को नोटिस पहुंचने शुरू हो गए हैं। पहली बार आयकर विभाग के दिल्ली सेंटर से ही आगरा क्षेत्र के 4500 से ज्यादा आयकरदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं।
आठ नवंबर की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के बाद अपने बैंक खातों में जिसने भी उन नोटों को जमा कराया, उसका पूरा ब्योरा बैंकों ने भेज दिया। बैंकों ने आयकर विभाग को 50 हजार रुपये तक का कैश जमा होने वाले खातों का ब्योरा भेजा है। अब ऐसे खाताधारकों को नोटिस मिलने शुरू हो गए हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पांच राज्यों में चुनाव के कारण विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी चुनाव में लग गई, लेकिन विभाग ने चुनावी राज्यों को नोटिस कार्यवाही से मुक्त रखते हुए दिल्ली डेटा सेंटर से ही नोटिस भेजने शुरू किए हैं।
ई फाइलिंग पोर्टल पर बनाई कैश लेन-देन विंडो
आगरा। आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर पैन कार्ड धारक नोटबंदी के दौरान बैंक एकाउंट में जमा कराए गए हर लेन-देन को सीधे देख सकते हैं। टैक्सदाता इसी वेबसाइट के जरिए विभाग की किसी भी जानकारी को ऑनलाइन ही सबमिट कर सकता है। उन्हें आयकर विभाग के कार्यालय पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। ज्यादा कैश जमा करने पर अगर किसी ने उस रकम को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में घोषित कर रखा है तो वेरीफिकेशन की प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। दस दिन के अंदर आयकरदाताओं को अपना जवाब दाखिल करना होगा।