अतरौली(अलीगढ़)। झूठी शान की वेदी एक और प्रेमी कहानी का दुखद अंत हो गया। डिबाई में युवती के परिवार ने मिलकर पहले प्रेमी को मौत के घाट उतार दिया और जब युवती ने यह राज पुलिस के सामने खोलने की धमकी दी तो उसकी हत्याकर लाश काली नदी में फेंक दी। बीयर फैक्ट्री कर्मचारी की हत्या के खुलासे में जुटी पुलिस ने जब युवती के भाई को गिरफ्तार किया तो इस ऑनर किलिंग से पर्दा उठ गया। बुधवार को दिन भर अतरौली पुलिस काली नदी में युवती की लाश तलाशती रही, मगर सफलता नहीं मिली।
अतरौली-डिबाई रोड के गांव वीरसिंघपुर के जंगलों में रविवार सुबह अतरौली की बीयर फैक्ट्री के कर्मी मुनेश(24) पुत्र वीरेंद्र निवासी उदयपुर कला डिबाई की लाश मिली थी, जिसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। इस हत्या के खुलासे में जुटी पुलिस को सुराग लगा कि मुनेश के डिबाई क्षेत्र के गांव भमरउआ निवासी अतरौली के कन्या डिग्री कालेज में पढ़ने वाली डौली (20) पुत्री राजेंद्र से प्रेम संबंध थे। इस आधार पर बीती रात पुलिस ने गाजियाबाद में काम करने वाले डौली के भाई जितेंद्र उर्फ जीतू को हिरासत में ले लिया और उसने पूछताछ में इस ऑनर किलिंग से पर्दा उठा दिया। इंस्पेक्टर अतरौली के मुताबिक जीतू ने स्वीकारा है कि 1 फरवरी को मुनेश और डौली एक साथ बाइक पर अतरौली से भमरउआ गए थे। इतना ही नहीं रात को मुनेश उनके ही घर में डौली के साथ कमरे में अकेला था। यह देख उनका खून खौल गया और उसी रात में मुनेश की हत्या कर लाश फेंक दी गई। इसके बाद जब डौली ने पुलिस को हत्या की खबर देने की धमकी दी तो रविवार को डौली की हत्या कर लाश अतरौली क्षेत्र में गांव सिखरना के पास काली नदी में फेंक दी गई। इन दोनों हत्याओं में डौली के दो भाई जितेंद्र, यतेंद्र के अलावा उनके पिता राजेंद्र, चाचा रामवीर, चचेरा भाई दीपू, बहनोई देशराज निवासी राजमार्गपुर, फुफेरा भाई रवेंद्र शामिल हैं। जीतू पुलिस हिरासत में हैं। बाकी लोग फरार चल रहे हैं।
- रविवार सुबह मुनेश की लाश मिलने पर अतरौली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। अब जीतू के बयान व साक्ष्यों के आधार इस हत्या में जीतू सहित उसके छह अन्य परिजन आरोपी बनाए गए हैं और उसी मुकदमे में डौली की हत्या की बात भी शामिल कर ली गई है। दोनों हत्याएं प्रेम संबंधों में ऑनर किलिंग हैं। डौली की लाश खोजी जा रही है। -ज्ञानेंद्र सिंह सीओ अतरौली