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4 हजार नव धनाढ्यों पर आयकर विभाग की नजर

Aligarh Updated Thu, 30 May 2013 05:30 AM IST
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अलीगढ़। आयकर विभाग ने सात जिलों के चार हजार से अधिक नव धनाढ्याें पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इन सात जिलों में अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कन्नौज शामिल हैं। आयकर विभाग की अलीगढ़ रेंज भीषण गर्मी में इन अमीरों की प्रत्येक सूचना जुटाने के लिए पसीना बहा रही है। प्रॉपर्टी, क्रेडिट कार्ड, बैंक ट्रांजेक्शन, लग्जरी कार, नई शैक्षणिक संस्थाएं, रेस्तरां, होटल, लॉज, हॉस्टल, नए बिजनेस, सर्विस सेक्टर और विदेश यात्राओं को आधार बना कर अमीरों को तलाशा जा रहा है। इनकी प्राथमिक जांच कर सूचनाएं एकत्र की जा चुकी हैं। रेंज के कार्यालय और संबंधित जिले से एकत्र सूचनाओं का मिलान कर क्राॅस चेकिंग शुरू हो गई है, ताकि फंदा खाली न जाए। सूचनाएं पुष्ट होने के बाद इनको नोटिस देकर आयकर वसूला जाएगा, अन्यथा की सूरत में अर्थदंड और दूसरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ज्वाइंट कमिश्नर राधाकृष्ण ने बताया कि सूचनाएं पुख्ता होने के बाद कार्रवाई होगी। जून के पहले पखवाड़े में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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वित्तीय वर्ष 2012-13 में अलीगढ़ रेंज को 38 करोड़ का लक्ष्य मिला था, लेकिन विभाग ने मेहनत कर 45 करोड़ रुपये वसूले थे। इस बार केंद्रीय स्तर से सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने 20 फीसदी का लक्ष्य बढ़ा दिया है। ऐसे में वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए विभाग को 10 करोड़ अधिक का राजस्व वसूलना है। देश भर का औसत देखें तो सकल विकास दर भी 8 फीसदी तक है, लेकिन बढ़ा हुआ राजस्व 10 फीसदी है। बढ़े हुए राजस्व के मुकाबले अलीगढ़ रेंज के सात जिलों की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय इजाफा नहीं हुआ है। दूसरे इन जिलों में स्थापित होने वाले अधिकांश उद्योगों के हेडक्वार्टर नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और लखनऊ में होने से इनका राजस्व उन्हीं शहरों के खाते में जाता है। ऐसे में अलीगढ़ रेंज ने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए नए सिरे से करदाताओं की तलाश शुरू कर दी है।
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