अलीगढ़। बिजली संकट से जूझ रहे प्रदेश में अब नेताओं की सूरज की शरण की याद आने लगी है। इसलिए अब नेता भी सोलर लाइटों पर फोकस कर रहे हैं ताकि गांव गली का अंधेरा दूर हो सके। इसलिए साल दर साल सोलर लाइटों की संख्या बढ़ती जा रही है। जनपद में जल्द ही 877 सोलर लाइटें लग जाएंगी। जिसमें 399 लाइटें चयनित 24 लोहिया गांवों में लगेंगी। इसके अलावा एमएलसी विवेक बंसल ने 368 सोलर लाइटों को लगवाने के लिए भारत सरकार के वैकल्पिक ऊर्जा मंत्रालय से मंजूरी ले ली है। इसमें 175 लाइटों का धन विकास भवन स्थित नेडा कार्यालय को आवंटित भी कर दिया गया है। अवशेष 193 लाइटों की धनराशि भी जल्द ही आवंटित होने की उम्मीद है। बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने भी 100 लाइटों के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं जिसके लिए जल्द ही धन आवंटित होने की उम्मीद है। इस तरह से वित्तीय वर्ष 2013-14 में लगभग 877 लाइटें लग जाएंगी। वित्तीय वर्ष 2011-12 में लगभग 299 सोलर लाइटें लगाई गई थी जबकि वित्तीय वर्ष 2012-13 की अवशेष 132 सोलर लाइटें अब तक लगना बाकी है। अनुमान के मुताबिक अब तक जनपद में एक हजार लाइटें लगाई जा चुकी हैं। इस तरह से जनपद में लगभग 2308 सोलर लाइटें जल्द ही जगमगाने लगेंगी।
नेडा कार्यालय के अनुसार 20 हजार 900 रुपये की कीमत वाली एक सोलर लाइट में बैटरी की पांच साल और सोलर पैनल की 20 साल तक की गारंटी होती है। इस लाइट में केंद्र सरकार का 5955 रुपये का अनुदान शामिल होता है, बाकी धन प्रदेश सरकार को देना होता है। इसी तरह से एक किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने में सवा लाख रुपये का खर्च आता है जिसमें 30 फीसदी का अनुदान केंद्र सरकार से मिलता है। इससे 800 वाट की बिजली आराम से 7 घंटे तक उपयोग की जा सकती है। जिला योजना पर नजर डालें तो 21वीं पंचवर्षीय योजना में 2012-17 तक 7.50 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष 2011-12 में 21 लाख, 2012-13 में 1 करोड़ 34 लाख 51 हजार के सापेक्ष केवल 37 लाख मिले। वित्तीय वर्ष 2013-14 में एक करोड़ 34 लाख 90 हजार का प्रावधान है।
गौर हो कि प्रभारी मंत्री राजकिशोर ने भी सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने की बात कही है। इसलिए अब अलीगढ़ के नेता भी इस पर जोर लगा रहे हैं ताकि सोलर एनर्जी के सहारे नेतागिरी चमक जाएगी।