अलीगढ़। 1.24 लाख रुपये का भुगतान न करने पर सीएमओ ऑफिस की चल संपत्ति कुर्क करने कोर्ट की टीम जा पहुंची। टीम कहीं नीली बत्ती की सरकारी कार को कुर्क न कर ले, इस डर से सीएमओ सरकारी गाड़ी को छोड़कर पैदल ही ऑफिस जा पहुंचे।
मै. अलीगढ़ कंस्ट्रक्शन के राकेश कुमार सिंह ने स्टेट यूपी के अफसरों सहित सीएमओ के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया। राकेश कुमार सिंह ने वर्ष 1993 में मटरूमल धन्नामल टीबी अस्पताल हाथरस का लेंटर डालकर छत का निर्माण कराया था। स्वास्थ्य विभाग ने जो भुगतान किया, उसमें से 1.57 लाख रुपये बकाया रह गया। मामला कोर्ट में पहुंचा तो स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2004 में इस राशि का भुगतान कर दिया। 11 साल देर से भुगतान होने पर राकेश कुमार ने इस राशि पर ब्याज के लिए डिक्री कर दी। यह डिक्री 90747 रुपये तथा कोर्ट व्यय सहित 123846 रुपये की थी। इस डिक्री पर लघुवाद न्यायालय ने 14 अगस्त 2013 को परवाना निर्गत कर सीएमओ ऑफिस की चल संपत्ति का आंकलन करने के निर्देश दिए। आंकलन में सीएमओ की नीली बत्ती लगी सरकारी कार, ऑफिस के एसी, फ्रिज, कूलर सहित अन्य चल संपत्ति का आंकलन कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत कर दी। लघुवाद न्यायाधीश ने एक नवंबर तक चल संपत्ति की कुर्की करने के आदेश जारी कर दिए।
अदालत के कुर्की आदेश पर सीएमओ ऑफिस की चल संपत्ति कुर्क करने राकेश कुमार सिंह कोर्ट, अमीन कमल सिंह सक्सेना, अधिवक्ता प्रताप सिंह राघव को लेकर पहुंचे। जानकारी पर सीएमओ डॉ. अर्जुन सिंह दोपहर में ऑफिस परिसर में पैदल पहुंचे। सीएमओ ने टीम के अधिवक्ता और अमीन से वार्ता की और भुगतान के लिए एक माह की मोहलत मांगी। सीएमओ के लिखित में देने पर टीम मानी और वहां से चली गई।