अलीगढ़। मुस्लिम बाहुल्य इलाका भुजपुरा के नगला आशिक अली में दशकों बाद भी एक सरकारी स्कूल तक नहीं खुल सका है। पांच हजार की आबादी वाले इस इलाके में मुस्लिम बच्चों को प्राइमरी और जूनियर शिक्षा देने तक के कोई इंतजाम नहीं हैं। प्राइवेट स्कूल गंदगी और बदबू के बीच बच्चों को थोड़ी बहुत शिक्षा दे रहे हैं। भुजपुरा में केवल एक प्राइमरी स्कूल है जो नगला आशिक अली से करीब डेढ़ से दो किमी की दूरी पर है। हैरत की बात तो यह है कि वोट लेने वाली सपा सरकार यहां पर एक स्कूल तक नहीं दे सकी है, जबकि जिले के दूर दराज इलाकों में कई गांव ऐसे हैं, जहां 4 से 5 स्कूल तक खोल दिए गए हैं।
यहां गंदगी, बदबू, कीचड़, कूड़े के ढेर के अलावा कुछ नहीं है। यहां से बहने वाला नाला इलाके के लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। पीने का साफ पानी नहीं मिलना और बिजली के झूलते केबल भी लोगों को परेशान करते रहते हैं। इनके लिए बिजली विभाग ने पोल तक नहीं लगाए हैं। कीचड़ और गंदगी के बीच लगे हैंड पंप से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे बीमारी फैल सकती है। यहां की मुख्य सड़क जर्जर हाल हो चुकी है, जिस पर चलना मुश्किल है। गंदगी के बीच रहने वाले इन लोगों को बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए आसपास के जर्राह के पास जाना होता है या फिर पांच किलोमीटर दूर जिला मलखान सिंह अस्पताल आना पड़ता है। स्थानीय नेता यहां चुनावी मौसम में जुटते हैं और सैकड़ों वादे करने के बाद झांकने तक नहीं आते हैं। दशकों बाद भी इस इलाके के हालात नहीं बदल सके हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी इन इलाकों को कभी गंभीरता से नहीं लिया।