अलीगढ़/गाजियाबाद। 17 साल से जरायम की दुनिया में 100 से ज्यादा लूट करने वाला शाहिद उर्फ चमन सोमवार शाम गाजियाबाद में बन्नादेवी पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया है। बन्नादेवी पुलिस डबल मर्डर और डकैती के मामले में उसे और उसकेसाथी संजय वर्मा (बुलंदशहर) और अहमद हसन (अलीगढ़) को रिमांड के बाद वापस डासना जेल लेकर जा रही थी। इसी दौरान मसूरी चौराहे पर भीड़ केचलते कार धीमी हुई तो वह हथकड़ी से हाथ निकालकर चलती बुलेरो कार से कूदकर भाग गया। इस मामले में मसूरी थाने में बन्नादेवी के एसआई श्याम सुंदर मिश्रा और तीन सिपाहियों विरेंद्र, सुनील और रामप्रवेश के खिलाफ लापरवाही की एफआईआर दर्ज की गई है। अब इनका निलंबन भी तय माना जा रहा है।
शाहिद उर्फ चमन बुलंदशहर के कोतवाली इलाके का है। विजयनगर केमवई में रह रहा था। चमन पहली बार 1997 में जेब कतरी में जेल गया था। विजयनगर पुलिस ने उसे और उसकेचार साथियों को 28 दिसंबर 2013 को गिरफ्तार किया था। इनमें दो चमन के साले भी थे। इनसे 25 लाख के जेवर और कार बरामद की गई थी। चमन गैंग लीडर है। महानगर के बन्ना देवी थाने की पुलिस ने रिमांड पर लिया था। इस गैंग ने पिछले साल 8 दिसंबर को बन्ना देवी क्षेत्र में डॉक्टर के घर दिनदहाड़े डाका डाला था। 20 नवंबर को सारसौल के पाराशर कंपाउंड में चौकीदार समेत दो की हत्या की थी। 12 नवंबर को सारसौल नई बस्ती में सिपाही के घर में लाखों की चोरी की थी। इसके अलावा गांधीपार्क क्षेत्र में भी डाका डाला था। बन्नादेवी पुलिस ने रिमांड पर इनसे सिपाही के घर हुई चोरी में जेवर भी बरामद किए थे।