अलीगढ़/बुलंदशहर। भट्ठे से बेदखली और भाइयों के किनारा करने पर खुन्नस खाया मोमिन खां अलीगढ़ में किराए पर रहने लगा था। जेब में जब पैसे नहीं रहे तो उसने डेढ़ माह पहले अलीगढ़ में पूरी स्क्रिप्ट लिखी और मौका देख मां, बाप, भाई, भाभी, भतीजे और भांजी को मौत के घाट उतार दिया।
मोमिन की कारगुजारियों के कारण उसके खर्चे भी अधिक थे और वह भट्ठे की जिम्मेदारी मिलने पर ठीक से ध्यान नहीं दे रहा था। इससे भट्ठे में खासा घाटा हो गया। दो वर्ष पहले मौसम ने भट्ठे की जिम्मेदारी से मोमिन को बेदखल कर दिया। इसके बाद से वह पत्नी नाजरा और छह बच्चों के साथ अलीगढ़ में किराए पर मकान लेकर रहता था। वहां वह पाइप फिटिंग का काम कर रहा था। लेकिन उसकी कारगुजारियों के कारण उसके खर्चे कम नहीं हो रहे थे। उसकी प्रवृति के कारण परिवार के लोगों ने उससेे दूरी बड़ा ली थी। जेब में पैसे नहीं बचे तो मोमिन ने डेढ़ माह पहले अलीगढ़ में ही नरसंहार की साजिश रची और 15 दिन पहले बीवी बच्चों को पिलखना छोड़ गया। पांच दिन पहले खुद आकर उनके साथ रहने लगा। मां, बाप और बाकी परिवार वालों से उसने पांच दिन में काफी मिलना शुरू कर दिया। पुरानी बातों को भूलकर नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की बात करने लगा। परिवार वालों को लगा कि अब मोमिन सुधर रहा है। उसनेे ताऊ के बेटे जैकम और उसके बेटे साजिद को षड्यंत्र में शामिल कर वारदात को अंजाम दिया।