अलीगढ़। महानगर के घनी आबादी वाले मामू भांजा इलाके में रविवार दोपहर एक सर्राफ के मकान में बेसमेंट खुदाई के दौरान बिल्डिंग गिरने से दो सगे भाई मजदूर दब गए। इसे लेकर वहां कोहराम सरीखी स्थिति बन गई। पूरे इलाके में भगदड़ और चीख-पुकार का माहौल हो गया। खबर पर पुलिस प्रशासनिक अमले ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद एक मजदूर को जिंदा बाहर निकाल लिया, जबकि देर शाम तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दूसरे का शव निकाला गया। इस दौरान आपदा प्रबंधन टीम के इंतजाम नाकाफी रहे, जिसके चलते काफी परेशानी हुई।
मामूभांजा स्थित राधे मोहन मंदिर के बराबर वाली संकरी गली निवासी सुंदर लाल सर्राफ का घर में ही सर्राफे का व्यापार है। वह व्यापारिक दृष्टि से मकान में बेसमेंट तैयार करा रहे हैं। पिछले एक माह से यहां काम चल रहा है। चूंकि गली बेहद संकरी है, इसलिए मजदूरों की मदद से ही पूरा काम हो रहा है। यहां गांधीपार्क के गांव अली नगर निवासी प्रेम सिंह के सगे 18-20 वर्षीय बेटे कमल सिंह व ज्ञान सिंह के अलावा इसी गांव का जितेंद्र बेसमेंट खोदने का काम कर रहे थे। वाकया दोपहर करीब साढ़े बारह बजे का है कि कमल व ज्ञान सिंह बेसमेंट में नीचे मिट्टी खोद रहे थे, जबकि जितेंद्र बाहर बिल्डिंग पर काम कर रहा था। तभी अचानक बिल्डिंग का एक हिस्सा भरभराकर दोनों सगे भाइयों पर बेसमेंट में गिर गया और दोनों उसमें दब गए। चीखपुकार मचने पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हुई और पुलिस भी पहुंच गई। बाद में प्रभारी डीएम शमीम अहमद, एसपी सिटी पंकज पांडेय, सीओ प्रथम, सीओ द्वितीय, इंस्पेक्टर कोतवाली, एसओ गांधी पार्क आदि भी पहुंचे। फायर सर्विस टीम व आपदा प्रबंधन टीम भी बुला ली गई। करीब साढ़े तीन बजे तक चले प्रयास के बाद पहले कमल सिंह को जिंदा निकाल लिया गया। इसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे ज्ञान सिंह की लाश निकाली जा सकी। इस खबर पर दोनों मजदूरों के रोते-बिलखते परिजन भी यहां पहुंचे थे।