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जहरीला हो रहा ‘जल’

Aligarh Updated Sat, 12 Jul 2014 05:31 AM IST
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अलीगढ़। अब भी नहीं जागे तो जिले के लिए अच्छे दिन कभी नहीं आएंगे। जिले का जल तेजी से दूषित हो रहा है। हाल ही में लोधा ब्लॉक में हैंडपंपों के पानी की जांच के परिणामों ने भूगर्भ जल की भयाभय तस्वीर सामने ला दी है। गांव में केवल एक हैंडपंप का पानी पीने लायक है। स्थानीय स्तर पर जांच के बाद नमूनों को जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जिले के अन्य 18 गांवों में भी पानी में प्लोराइड की मात्र खतरनाक स्थिति में पाई गई है।
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जल निगम ने कुछ दिन पहले लोधा ब्लॉक के सारसौल में हैंडपंपों के पानी के नमूने स्थानीय लैब में जांच को भेजे थे। एई मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 14 हैंडपंपों के पानी की जांच में केवल एक नल का पानी ही पीने योग्य पाया गया। बाकी नलों का पानी इतना दूषित हो चुका है कि वह लोगों को न जाने कितने तरह की बीमारियों दे सकता है। यहां के पानी में गदीलेपन की मात्रा 1694 प्वाइंट पाई गई। पानी बदबूदार है और इसमें कठोरता है। क्वार्सी चौराहे के पास स्थित जल निगम की लैब में पानी के परीक्षण के बाद परिणाम और नमूनों को लखनऊ भी भेजा जा रहा है। दूसरी जांच लखनऊ कराने के पीछे एक कारण यह भी है कि वहां की रिपोर्ट के बाद सारसौल में पेयजल के लिए तैयार योजना को आसानी से फंड भी मिल जाएगा।

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कई क्षेत्रों के पानी में फ्लोराइड अधिक
खैर, टप्पल, इगलास और गोंडा ब्लॉक के 18 गांव ऐसे हैं जिनमें लगे हैंडपंपों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा जीवन के लिए हानिकारक है। मीरपुर दहौड़ा, तकीपुर करनपुर, भरतपुर भजेड़ा, खंडेहा, नगरिया गौरेला, बहादुरपुर, बक्सा गडौड़ा, हगियापुर आदि गांव में लगे हैंडपंपों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा दो से तीन मिलीग्राम पाई गई है। जबकि डेढ़ मिलीग्राम तक की फ्लोराइड वाले पानी को पीने योग्य माना जाता है।
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प्रभावित गांवों की बीस करोड़ से बुझेगी प्यास
फ्लोराइड से प्रभावित 18 गांवों में पीने के पानी का इंतजाम के लिए करीब बीस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जल निगम के सहायक अभियंता मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गांवों में गहरी बोरिंग वाले नलकूप लगवाए जाएंगे। इनको पाइप लाइन के जरिए गांवों कई स्थानों पर लगे स्टैंड पोस्ट और 100 से 200 किलो लीटर वाली टंकी से जोड़कर पानी के इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए डेढ़ करोड़ की पहली किस्त भी मिल गई है। वहीं सारसौल के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सर्वे के बाद मैप तैयार कर लिया गया है।
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