अलीगढ़। प्रदेश सरकार ने अग्निशमन विभाग को और ज्यादा मजबूत करने के लिए इरादे से प्रदेश में अलीगढ़ सहित 17 जिलों में फायर ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है। अलीगढ़ में करीब 276.65 लाख की लागत से बनने वाले इस ट्रेनिंग सेंटर के लिए ताला नगरी फायर स्टेशन की जगह भी फाइनल कर दी गई है और बजट का प्रारूप मंजूरी के लिए फायर निदेशालय भेजा गया है। खास बात है कि अब तक प्रदेश में इकलौता उन्नाव में यह ट्रेनिंग सेंटर था और नए चयनित जिलों में अलीगढ़ को भी शामिल किया गया है।
अब तक फायर कर्मियों की भरती के बाद ट्रेनिंग सिर्फ उन्नाव में होती थी और वहां की क्षमता भी मात्र 500 कर्मियों को ट्रेनिंग देने की है। मगर फायर विभाग में बड़े पैमाने पर हुईं रिक्तियों के मद्देनजर भरती करने से पहले नए रंग रूटों के लिए ट्रेनिंग सेंटर की जरूरत महसूस की जा रही है। सूत्रों की मानें तो बेहद जल्द 2000 से अधिक नए रंगरूटों की भरती किया जाना तय है। इसी कड़ी के मद्देनजर प्रदेश में अलीगढ़ सहित 17 जिलों में 100-100 रंगरूटों की ट्रेनिंग के लिए नए ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने को हरी झंडी दी गई है। ट्रेनिंग सेंटर उन्हीं जिलों में खोले जाना तय हुआ है, जहां अग्निशमन विभाग के पास अपनी पर्याप्त जमीन है। अलीगढ़ में भी विभाग के पास ताला नगरी स्थित फायर स्टेशन पर पर्याप्त जमीन है और अलीगढ़ को भी ट्रेनिंग सेंटर देने के लिए इसी क्रम में मंजूरी दी गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मो.शाहिद के अनुसार हर स्तर पर हरी झंडी मिल गई है। बस बजट प्रारूप स्थानीय स्तर से बनाकर भेजा गया है। उस पर निदेशालय से मंजूरी मिलते ही ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का काम तेज करा दिया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में मेरठ, बरेली सहित 17 जिले हैं, जहां इस तरह के ट्रेनिंग सेंटर खोले जाना तय हुआ है।
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नए फायर स्टेशन को भी मिलेंगे 5 करोड़
इसके अलावा तालानगरी पर नया फायर स्टेशन भी बनना तय हो गया है। इसके लिए 5 करोड़ के बजट का प्रावधान तय हुआ है। यह बजट प्रारूप भी बनाकर भेज दिया गया है। बजट मंजूरी के साथ ही वहां फायर स्टेशन का निर्माण भी शुरू करा दिया जाएगा। बता दें कि तालानगरी की स्थापना के कुछ समय बाद ही जमीन मुहैया कराकर वहां फायर स्टेशन तो शुरू करा दिया गया। मगर अभी तक पर्याप्त भवन न होने के कारण परेशानी आ रही थी। मगर अब बजट मुहैया होने की कार्यवाही भी शुरू हो गई है।
--यह भी जानें--
प्रदेश में अब तक अकेले उन्नाव में है ट्रेनिंग सेंटर
जहां एक साथ 500 फायर कर्मियों की होती ट्रेनिंग
17 जिलों में 100-100 कर्मियों की होगी व्यवस्था