अलीगढ़ (ब्यूरो)। सरकारी योजनाओं में जमीन देने वालों को मुआवजा भुगतान लेने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं सोमवार को इसकी एक बानगी कलेक्ट्रेट में दिखी। हाथरस के पूर्व सांसद किशनलाल दिलेर की पुत्रवधु रजनी दिलेर के नाम की जमीन जीटी रोड चौड़ीकरण में ली गई है। मुआवजे के 13.50 लाख रुपये तय हुए। जून 2012 में उन्हें 6.75 लाख रुपये दे दिये गये और 6.75 लाख का भुगतान लटक गया।
रजनी दिलेर के पति राजवीर दिलेर ने सोमवार को एडीएम प्रशासन शत्रुघ्न सिंह से मुलाकात कर भुगतान कराने को कहा। कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले उन्होंने पीडब्ल्यूडी सचिव से भी स्थानीय अफसरों को फोन कराया था ताकि उनकी बात सुन ली जाए। सचिवालय में कार्यरत एक मित्र भी उनके साथ थे। इस पर एडीएम प्रशासन ने उनके प्रार्थना पत्र पर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिला कर विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी कार्यालय भेजा। लेकिन यहां पर उनकी सुनवाई नहीं हुई उल्टे बहस और कहासुनी हो गई। भुगतान देने में नियमानुसार अड़चन बताये जाने पर राजवीर और एसएलएओ के बीच बहस भी हुई। मुआवजे लेने पहुंचे दूसरे किसानों की भी यही समस्या थी।
राजवीर ने बताया कि पिता किशनलाल दिलेर के समय ही पेट्रोल पंप खोलने के लिए दोरऊ के पास गांव मौजा मढ़ौला में गाटा संख्या 128 में 682 रकबा जमीन उनकी पत्नी रजनी दिलेर के नाम से खरीदी गई थी। यही जमीन जीटी रोड चौड़ीकरण में गई है। राजवीर ने कहा कि वह दो भाई और एक बहन है लेकिन यह जमीन केवल उनकी पत्नी के ही नाम से है जिसकी रिपोर्ट लेखपाल, तहसीलदार, कानूनगो और एसडीएम गभाना दे चुके हैं इसके बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। यहां पास में ही पूर्व सांसद किशनलाल दिलेर की प्रतिमा भी लगी है जिसे चौड़ीकरण के कारण दोरऊ मोड़ से पीछ़े करना पड़ रहा है।