अलीगढ़ (ब्यूरो)। देहली गेट थाना क्षेत्र के एक बौद्ध विहार पर रहने वाले बौद्ध भिक्षु (भंते) पर बुधवार दुपहर संदिग्ध परिस्थितियों में हमला हुआ। खबर पर दौड़ी पुलिस ने भंते को जिला अस्पताल में भरती करा दिया। मगर भंते द्वारा बताए गए घटनाक्रम को पुलिस संदिग्ध मानकर चल रही है। इधर, इस हमले को लेकर बसपा व बौद्ध अनुयायियों में आक्रोश है। देहली गेट के सराय कुतुब स्थित बौद्ध विहार पर विजेंद्र सिंह की भंते के रूप में तैनाती है। उनके पास अक्सर छर्रा के कमालाबाद बौद्ध विहार के भंते सिद्धार्थ बोधि आते रहते हैं। विजेंद्र सिंह के अनुसार करीब 60 वर्षीय सिद्धार्थ बोधि बुधवार सुबह भी आए थे। कुछ देर रुकने के बाद वे आसपास घूमने चले गए। इसके बाद वे करीब दो बजे वापस लौटे। इसी बीच वे अंदर विजेंद्र अंदर कमरे में चले गए, जबकि बाहर मौजूद सिद्धार्थ पर अज्ञात लोग चाकुओं से हमला कर गए। सिद्धार्थ के अनुसार पीछे से किसी ने उन्हें बेहोश करने की कोशिश की किया और चाकुओं से सीने पर दो प्रहार किए। इस खबर पर तमाम अनुयायी और बसपा नेता पहुंच गए। हाथरस के बसपा लोकसभा प्रत्याशी मनोज सोनी भी पहले बौद्ध विहार पर फिर जिला अस्पताल में उनका हाल जानने पहुंचे। इस हमले को इलाके के लोग बौद्ध विहार की 42 बीघा जमीन से जोड़कर देख रहे हैंै। एसओ देहली गेट कहते हैं कि जो घटनाक्रम बताया जा रहा है, उसकी कहानी कुछ उलझी सी है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है। बता दें कि इस बौद्ध विहार पर रहने वाले भंते रतन बोधि की 17 मार्च 2010 को हत्या कर दी गई थी। उस समय पुलिस ने कुछ नशेड़ियों पर हत्या का खुलासा किया था।