अलीगढ़। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिये संचालिक पखवाड़े में जिला भले ही प्रदेश में चौथे स्थान
पर रहा हो, लेकिन यहां आयुष्मान कार्ड निर्माण का काम निरंतर पिछड़ रहा है। इससे
नाराज सीडीओ ने जिले के ग्रामीण एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्रों पर विशेष कैंप लगाये जाने के आदेश दिये हैं। उन्होंने कैंपों के लिये प्रभारी डाक्टर एवं
चिकित्सा अधीक्षक नामित किये हैं। हर सीएचसी संचालक को प्रतिदिन कैंप में आकर सुबह नौ
बजे से सायं चार बजे तक कम से कम 50 कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान योजना
में जिले में 12 लाख 20 हजार 145 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनने हैं। अब तक करीब 2.65
लाख लाभार्थियों के कार्ड बन चुके हैं। हाल ही में 26 जुलाई से नौ अगस्त तक चले विशेष
अभियान में जिले में अलीगढ़ ने परिवारों के 21709 कार्ड बनाकर प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त
किया है। बावजूद इसके अलीगढ़ की प्रगति से असंतुष्ट सीडीओ ने शहरी क्षेत्र के 19 प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्र के 47 प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर
लगाकर कार्ड बनाने के आदेश जारी किये हैं। इन सभी पर प्रभारी चिकित्सक एवं चिकित्सा
अधीक्षक को प्रभारी बनाते हुए आसपास के सीएचसी संचालकों को उनसे संबद्घ कर दिया है।
सीएचसी संचालकों को प्रतिदिन कम से कम 50 कार्ड बनाने का लक्ष्य देते हुए उन्हेें सुबह नौ
बजे से सायं चार बजे तक शिविर में मौजूद रहकर कार्ड बनाने एवं सायंकाल में अपनी रिपोर्ट
व्हाट्स एप के माध्यम से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सक को देने के आदेश दिये हैं।
चेतावनी दी है कि लापरवाही पर संबंधित सीएचसी संचालक की आईडी ब्लाक करते हुए दंडात्मक
कार्रवाई की जाएगी।
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क्या है गोल्डन कार्ड योजना
अलीगढ़।आयुष्मान भारत योजना देश में कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त में सालाना पांच लाख
रुपये तक की बीमा कवरेज मुहैया कराती है । यह दुनिया की सबसे बड़ी और पूरी तरह से
सरकारी खर्च पर चलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना है । इसमें 1000 से ज्यादा कैंसर और दिल
की बीमारी जैसी कई गंभीर बीमारियों के लिए प्रदेश के करीब 2900 सूचीबद्ध सरकारी और
निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है । जिस पात्र लाभार्थी के पास आयुष्मान
कार्ड है वह छोटी से लेकर बड़ी बीमारियों तक का इलाज अस्पताल में भर्ती होकर करवा सकते
हैं । बीमारी की स्थिति में सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज व दवा का खर्च इसके तहत
कवर होता है । अगर कोई व्यक्ति कार्ड बनने से पहले से बीमार है तो भी उसका इलाज इस
योजना के अंतर्गत होगा । इन बीमारियों में मैटरनल हेल्थ और सी.सेक्शन या उच्च जोखिम
प्रसव की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, कैंसर, टीवी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरेपी,
हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी, एमआरआई, सीटी
स्कैन, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर, डायबीटीज, कोरोनरी बायपास, घुटना
प्रत्यारोपण, स्टंट डालना, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी आदि शामिल हैं ।
इसके साथ ही अस्पताल में एडमिट होने से पहले व बाद के खर्च भी इस हेल्थ बीमा में कवर किए
जा रहे हैं ।