गाजियाबाद के विजयनगर में दसवीं के छात्र आशीष की हत्या का मुख्य आरोपी मैलरोज बाईपास का रॉबिन उर्फ शिवम फर्जी सर्टिफिकेटों के सहारे हत्या से बचने की साजिश रच रहा है।
मगर पुलिस विवेचना में उसकी हर साजिश का भांडा फूट रहा है। अब तक उसने खुद को नेत्रहीन करार देकर सर्टिफिकेट कोर्ट में पेश किया, जिसे पुलिस जांच में खुद जिला अस्पताल ने फर्जी घोषित कर दिया।
अब नाबालिग करार देने की कोशिश हुई। मगर पुलिस ने जांच में आरोपी के असली स्कूलों का राज भी खोल दिया। इन दोनों स्कूलों के प्रिंसिपलों को आज गाजियाबाद न्यायालय में रिकार्ड सहित तलब किया गया है। इसकी सूचना खुद मृत छात्र के पिता ने बुधवार को यहां पहुंचकर दी है।
बता दें कि गाजियाबाद की बुद्धविहार कॉलोनी विजय नगर निवासी श्यौराज के दसवीं अध्ययनरत बेटे आशीष की आपसी झगड़े में दोस्तों ने 28 अक्तूबर 2015 को हत्या कर दी थी।
इस हत्या में अगिभनशमन विभाग से सेवानिवृत्त दरोगा भगवान दास निवासी मैलरोज बाईपास व हाल निवासी बुद्धविहार गाजियाबाद के बेटे रॉबिन उर्फ शिवम का नाम भी आया। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को मार्च माह में गिरफ्तार किया तो उस समय परिवार ने दो सर्टिफिकेट पुलिस के सामने पेश किए।
एक तो यह कि हत्या से पांच दिन पहले यानी 23 अक्तूबर से रॉबिन बीमार था, जिसको बीमार दिखाते हुए गोंडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर कराया गया और घटना के वक्त तक गाजियाबाद के एक अस्पताल में भरती दिखाया गया। इसके अलावा गिरफ्तारी से चंद दिन पहले यानी 17 मार्च को मलखान सिंह जिला अस्पताल से जारी नेत्रहीन संबंधी सर्टिफिकेट दिखाया।
यह तथ्य सामने आने और रॉबिन के परिवार की मांग पर आईजी मेरठ जोन ने मुकदमे की विवेचना क्राइम ब्रांच गाजियाबाद को सौंप दी।
इन दोनों सर्टिफिकेटों की जांच में क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के विवेचक उदयवीर सिंह मलिक ने यहां आकर पाया कि गोंडा पीएचसी से भर्ती रजिस्टर के क्रमांक 728 पर 23 मार्च को रॉबिन उर्फ शिवम के बजाय कासका गोंडा का अमित नाम का युवक भरती है।
उसके क्रमांक पर फर्जी बीमार प्रमाण पत्र रॉबिन के नाम जारी हुआ है। इसी तरह नेत्रहीन सर्टिफिकेट को लेकर खुद जिला अस्पताल के डॉक्टर केपी सिंह सहित अन्य डॉक्टरों ने जानकारी दी सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर जरूर डॉक्टर के असली हैं, मगर उस पर 100 प्रतिशत नेत्रहीन होने संबंधी लेखनी जिला अस्पताल के ही एक बाबू की है। उसने डॉक्टर को अंधेरे में रख जल्दबाजी में कब हस्ताक्षर करा लिए खुद डॉक्टर को नहीं पता। साथ ही गाजियाबाद जेल से भी उसके नेत्रहीन न होने की पुष्टि हुई।
इधर, अब नया तीर उसे नाबालिग करार देते हुए हाथरस के स्कूल का सर्टिफिकेट दिया। मगर पुलिस ने किसी तरह खोज निकाला कि रॉबिन उर्फ शिवम की स्कूलिंग गगन पब्लिक स्कूल जेल रोड व जीडी पब्लिक स्कूल से हुई है और वहां के प्रमाण पत्रों में उसकी उम्र 19 साल है। इस तथ्य के सामने आते ही अदालत ने दोनों स्कूलों का रिकार्ड व प्रिंसिपल को आज बृहस्पतिवार को गाजियाबाद अदालत में तलब किया है।
समन लेकर आया छात्र का बाप पीटा
अलीगढ़। छात्र आशीष का पिता अदालत से जारी समन लेकर बुधवार को यहां आया। उसके अलीगढ़ आने की खबर आरोपियों के परिजनों को हो गई तो उन्होंने पीछा शुरू कर दिया और जेल रोड पर गगन पब्लिक स्कूल के बाहर आकर घेरकर पीटा गया। इस दौरान आशीष के पिता के समर्थन में भी कुछ लोग आ गए और दोनों ओर से मारपीट हुई। इस खबर पर बन्नादेवी पुलिस पहुंच गई और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। जहां मुकदमे के आधार पर कार्रवाई चल रही थी।