आंधी तूफान का असर संगम क्षेत्र में भी देखने को मिली। अस्थायी दुकानें तहस-नहस हो गईं।
- फोटो : अमर उजाला।
जलजमाव और कीचड़ ने बढ़ाई मुसीबत
बारिश के बाद शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल एक बार फिर खुल गई। बांध रोड, हिंदू हॉस्टल चौराहा, मेडिकल चौराहा, ओमप्रकाश सभासद मार्ग, धुस्सा स्थित लालबाग कॉलोनी के बगल में, बैहरना पावर हाउस और केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) मुख्यालय के गेट पर भारी जलजमाव हो गया। बारिश से परेड क्षेत्र में बना ओपन एयर जिम डूब गया। बांध रोड और संगम मार्ग पर पानी भरने और उसके बाद फैले कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं को पैदल चलना तक दूभर हो गया।
आंधी तूफान का असर संगम क्षेत्र में भी देखने को मिली। अस्थायी दुकानें तहस-नहस हो गईं।
- फोटो : अमर उजाला।
सुबह शुरू हुआ गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य
सड़कों पर फिसलन इस कदर बढ़ गई कि अलोपीबाग फ्लाईओवर के पास एक स्कूटी सवार अनियंत्रित होकर गिर गया, जिससे उसे चोटें आईं। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने जलजमाव और कीचड़ को लेकर नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई। सुबह से ही प्रभावित इलाकों में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और यातायात बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया लेकिन जलभराव वाले इलाकों से पानी की निकासी न होने के कारण दोपहर तक राहगीर और स्थानीय दुकानदार परेशान नजर आए।