शायद ही कोई शख्स हो जिसे अल्लापुर कांड ने झकझोरा नहीं हो। घटना के बाद और मंगलवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी महिलाएं-पुरुष इस बेहद दुखद और हौलनाक घटना पर गहरी वेदना से अफसोस जताते मिले। पुलिस की जांच में पता चला है कि वारदात के पीछे दरअसल इन बिगड़ैल युवकों की नशे की लत है। घटना के वक्त भी वे गहरे नशे में डूबे थे। इसके पहले भी करेली समेत कई इलाकों में मासूमों से दरिंदगी के पीछे नशा ही रहा है। इसके लिए बहुत हद तक खुद पुलिस भी दोषी है। मौजूदा समय में शहर और देहात में हर तरफ स्मैक, चरस, गांजा की खुलकर बिक्री के पीछे कहीं न कहीं पुलिस की शह है। हालांकि अफसर कहते हैं कि ज्यादातर जगह चोरी-छिपे नशीला पदार्थ बेचा जाता है।
अल्लापुर कांड में पकड़े गए राजेश लंगड़, रोहित कुमार, अनुज कुमार, ननका हेला, पिंटू मेहतर ने कुबूला कि वे रोज शाम ढलते ही नया गांव के खंडहर में नशा करने पहुंच जाते थे। बिना नशा के वे एक दिन क्या कुछ घंटे भी नहीं रह सकते। वे गांजा और स्मैक का नशा करते इस कदर आदी हो गए हैं कि अब भरपूर नशा के लिए नसों में नशीला इंजेक्शन लगाते हैं। नशे में डूबने के बाद उन्हें गलत-सही का होश नहीं रहता। फिर वे छिनैती, चोरी, छेड़खानी और मारपीट करने लगते हैं।
इसी वजह से पहले भी वे कई बार अपराध कर चुके थे। उन्होंने गली से 14 साल की बालिका को उठाकर उसे भी नशीला इंजेक्शन लगा दिया जिसके बाद वह बेसुध हो गई तो उसके साथ कई घंटे तक गैंगरेप किया। यह बेहद खौफनाक घटना जरूर है लेकिन ऐसा पहले भी कई बाहर हो चुका है जब रेप के पीछे मनोविकृति के साथ नशे का जोर रहा। पिछले साल रमजान के तीसरे रोज करेली में फुटपाथ पर मां के साथ सो रही पांच साल की बालिका को अगवाकर उसके साथ हैवानियत करने वाला 28 वर्षीय युवक तीन महीने बाद पकड़ा गया तो भी यही खुलासा हुआ था कि वह ड्रग एडिक्ट है। वह नशे में डूबने के बाद हवस में अंधा हो जाता था। उस बालिका से पहले वह दो लड़कियों को शिकार बना चुका था लेकिन तब मामला आपस में ही निपट गया था।
डेढ़ साल पहले झूंसी में छह साल की बालिका की चार युवकों ने गैंगरेप के बाद हत्या की थी। वे भी साथ बैठकर नशा कर रहे थे तभी लड़की को देख दरिंदगी पर उतारू हो गए। उसी दौरान शंकरगढ़ में खेत से लौट रही आठ साल की बालिका को तीन युवकों ने जब हैवानियत का शिकार बनाया तो वे गांजा का कश लगाने के बाद मोबाइल फोन पर अश्लील फिल्म देख रहे थे। ऐसी घटनाओं की फेहरिश्त लंबी है। सच तो यह है कि रेप के अलावा छेड़खानी समेत कई अन्य अपराध के पीछे कहीं न कहीं नशा होता है। बिगड़े युवक नशे की चीज खरीदने के लिए चोरी-छिनैती करते हैं और नशे में डूबने के बाद छेड़खानी, रेप, मारपीट और कई बार कत्ल कर डालते हैं।
शहर के अल्लापुर, गऊघाट, कीडगंज, दरियाबाद, राजापुर, बघाड़ा, सलोरी, अकबरपुर, गौसनगर, गढ़ी कला, चकिया, मुंडेरा, सदर बाजार, बलईपुर रेलवे कॉलोनी, नैनी के कई इलाके समेत तमाम मुहल्ले ऐसे हैं जहां गांजा या स्मैक की पुड़िया खरीदने के लिए नशेड़ियों को भटकना नहीं पड़ता। नशे के तस्कर जेब या थैले में पुड़िया लेकर घूमते रहते हैं। पैसे लेकर वे पुड़िया थमा देते हैं। भांग की ज्यादातर सरकारी दुकानों पर भी अवैध रूप से गांजा बेचा जाता है।
‘यह सच है कि नशा तमाम अपराधों को जन्म देता है। क्राइम ब्रांच और सभी थानों की पुलिस अक्सर नशे की खेप के साथ तस्करों की गिरफ्तारी करती है। चोरी-छिपे कुछ स्थानों पर ड्रग्स बिकता है लेकिन वहां भी पुलिस की निगरानी रहती है और धरपकड़ की जाती है।’
-राजेश यादव, एसपी सिटी