अंबेडकरनगर। प्रदेश सरकार के आगामी बजट से लोगों ने ढेरों उम्मीदें लगा रखी हैं। महंगाई पर अंकुश से लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं को और प्रभावी बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया गया है। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा पेयजल, पर्यावरण व स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत भी आम लोगों ने प्रकट की है।
शिक्षिका यशस्वी उपाध्याय ने कहा कि, बजट आमलोगों के हित को देखते हुए होना चाहिए। मौजूदा समय में महंगाई ने सभी की कमर तोड़ दी है। ऐसे में बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए समुचित कदम उठाया जाना चाहिए। शिक्षक डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अभी भी जिला चिकित्सालय सहित सीएचसी व पीएचसी में मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बजट में ऐसी सुविधाओं के लिए अलग से प्राविधान होना चाहिए। समाजसेवी गायत्री ने कहा कि महिला उत्पीड़न की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बजट में विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं के उत्थान के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाना होगा। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा कि बजट स्वीकृत करना ही बड़ी बात नहीं है। जिन कार्यों के लिए बजट स्वीकृत किया जा रहा है, उसका समुचित प्रयोग हो रहा है या नहीं इस पर भी गंभीरता से ध्यान देना होगा। शिक्षामित्र संघ के जिला मीडिया प्रभारी कृष्णकुमार द्विवेदी व आईटीआई कॉलेज हजपुरा के प्रबंधक हृदयमणि मिश्र ने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार को विशेष ध्यान देना होगा। इसके अलावा युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए भी बजट में ठोस कदम उठाने होंगे। उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष दयाशंकर मद्धेशिया ने कहा कि व्यापार को बढ़ावा देने एवं व्यापारियों को सुरक्षा देने के लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए। अधिवक्ता गोपाल जी शुक्ल ने कहा कि खाद, बीज व सिंचाई के लिए किसान भटकने को मजबूर हैं। बजट में किसानों को न सिर्फ योजनाओं का लाभ दिलाने पर बल देना होगा, वरन ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा भी देनी होगी। कार्यवाहक निदेशक जन शिक्षण संस्थान डॉ. वेंकटेश्वर द्विवेदी ने कहा कि लगातार प्रदूषित होती तमसा व सरयू नदी की सफाई के लिए बजट में अलग से स्थान देना होगा।