उप स्वास्थ्य केंद्र गोविंद साहब में एक परिवार का बसेरा देख मंगलवार को डीएम का पारा चढ़ गया। उन्हें पता चला कि यह परिवार पांच वर्ष से यहां एएनएम के कहने पर रह रहा है, तो उन्होंने तत्काल एएनएम को निलंबित कर दिया। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय के एमडीएम में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई। व्यवस्था में तत्काल सुधार का निर्देश दिया। डीएम ने इससे पहले गोविंद साहब मेले की तैयारियों का जायजा भी लिया।
आगामी नौ दिसंबर से पूर्वांचल के प्रसिद्ध गोविंदसाहब मठ में एक माह तक चलने वाले मेले का शुभारंभ हो रहा है। मेले की तैयारी का जायजा लेने के लिए मंगलवार सुबह डीएम वैभव श्रीवास्तव गोविंदसाहब पहुंचे। यहां उन्होंने मठ पर माथा टेकने के बाद तैयारियों का जायजा लिया। मेला क्षेत्र में जगह-जगह फैली गंदगी पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम आलापुर को सफाई कराने का निर्देश दिया। इस बीच उनकी निगाह परिसर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर पड़ी, जहां कुछ कपड़े टंगे हुए थे।
केंद्र के अंदर जाकर देखा, तो बेड पर चावल फैला हुआ मिला। जानकारी करने पर पता चला कि एएनएम सरिता वर्मा के कहने पर एक परिवार लगभग पांच वर्ष से यहां रह रहा है। परिवार का मुखिया एक निजी विद्यालय में शिक्षक है। डीएम ने सीएमओ से बातकर एएनएम सरिता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। डीएम यहां से परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे।
एमडीएम रजिस्टर में 32 छात्र-छात्राओं का भोजन बनता दिखाया गया था, जबकि इससे पूर्व के दिनों में 77 बच्चों का एमडीएम बनना दिखाया गया था। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई। इस दौरान एसडीएम आलापुर विनय कुमार गुप्ता, एसडीएम जलालपुर विवेक मिश्र, सीओ आरके सिंह, महंत वीरेंद्रदास, मेला अध्यक्ष भौमेंद्र सिंह व शिवकुमार गुप्त आदि मौजूद रहे।