अमरोहा की रामडोल शोभा यात्रा में उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़
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शहर शुक्रवार को सारे दिन श्याम के रंग में रंगा रहा। हर लब पर सिर्फ राधे-राधे सुनाई दे रहा था। मौका थ्ाा श्री धार्मिक रामडोल कमेटी की ओर से निकाली गई रामडोल शोभायात्रा का। इसमें उत्तर आैर दक्षिण भारत की संस्कृति का संगम नजर आया। शोभायात्रा की 111 वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बनाने के लिए भव्य आयोजन हुआ। इसमें आस्था का सैलाब उमड़ा रहा।
सुबह दस बजे रियासत वाले मंदिर से महाआरती के बाद शुरू हुई शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए देर रात पनवाड़ी स्थित यादव मंदिर पर जाकर समाप्त हुई। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ। सबसे आगे गजराज शोभायात्रा की अगुवाई कर रहे थे। इसके पीछे झांकियों और डोलों का काफिला था। बाल गोपाल के एक से बढ़ कर एक सुंदर डोलों के आगे युवा डीजे की धुनों पर झूम कर वातावरण भक्तिमय कर रहे थे।
दिल्ली, पंजाब, ग्वालियर, अमरोहा, मुरादाबाद से आए प्रसिद्ध बैंड बाजों ने शोभायात्रा की रौनक बढ़ाई। लठमार और फूलों की होली से अमरोहा मिनी मथुरा की तरह नजर आए। विभिन्न झांकिया आकर्षण का केंद्र रहीं। शहर का वातावरण कृष्णमय हो गया।
शोभायात्रा कोट चौराहा, मुख्य बाजार, कोतवाली, बड़ा बाजार, अहमदनगर, तहसील, नौबत खाना होते हुए पनवाड़ी स्थित यादव मंदिर पर जाकर समाप्त हुई। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। कहीं हलवा, तो कहीं पर शीतल पेय का इंतजाम था।