सामग्री के दो पोत श्रीलंका भेजे
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मानसून की आहट से बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। बाढ़ आते ही अपने स्तर से सभी विभागों को चौबीस घंटे अलर्ट रहते हुए राहत कार्य में जुटना होगा। तटबंधों को दुरुस्त कराया जा रहा है।
गंगा के जल स्तर पर नजर रखने के लिए जिला मुख्यालय और हसनपुर, धनौरा तहसील पर कंट्रोल रूम जल्द चालू होने वाला है। जिन गांवों में बाढ़ का पानी हर साल भरता है। उन गांवों को बाढ़ आने पर खाली कराया जाएगा। गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्थान चिह्नित करने के एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं। खादर क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बता दें कि हसनपुर और धनौरा तहसील क्षेत्र करीब सवा सौ गांव हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ये गांव गंगा के खादर क्षेत्र में स्थापित हैं। मानसून की आहट से प्रशासन बाढ़ से बचाव को लेकर गंभीर हुआ है। समय रहते सभी विभागों को अपने स्तर से बाढ़ से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
बाढ़ से बचाव को कार्य योजना तैयार कर ली गई है। जिले की ग्यारह बाढ़ चौकियों पर अधिकारी, कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ आने पर संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों को बाढ़ चौकियों पर मुस्तैद रहते हए बाढ़ से बचाव में जुटना होगा। अपने स्तर से राहत सामग्री पहुंचानी होगी। सभी बाढ़ चौकियों पर वायरलेस सेट स्थापित कराने को पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है। तटबंधों को दुरुस्त कराया जा रहा है।
बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारी कर ली गई हैं। सभी विभागों को अपने स्तर से बाढ़ से निपटने को तैयार रहने को निर्देशित किया गया है। बाढ़ चौकियां अलर्ट कर दी गई हैं। अधिकारी, कर्मचारियों की डयटी लगाई गई हैं। जिला मुख्यालय में जल्द ही कंट्रोल रूम चालू हो जाएगा। बाढ़ से बचाव को सभी उपकरण उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर सेना की मदद ली जाएगी। सेना के अफसर पूर्व में बाढ़ के संबंध में जिले की भौगोलिक स्थिति का अवलोकन कर चुके हैं। फिलहाल जनपद में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। -महमूद आलम अंसारी, अपर जिलाधिकारी अमरोहा