औरैया। क्या आपके वाहन पर शोरूम का स्टीकर या अन्य कोई प्रचार सामग्री लगी है। यदि हां तो क्या आपको इस प्रचार के ऐवज में संबंधित कंपनी मालिक की ओर से कुछ राशि या कोई पैकेज मिला है। नहीं तो आप कंज्यूमर कोर्ट का रुख कर सकते हैं। क्योंकि कोई भी कंपनी या व्यक्ति बिना गाड़ी मालिक के पूछे इस पर प्रचार के स्टीकर या अन्य सामग्री नहीं चिपका सकता है। अमर उजाला की टीम ने इस नियम के तहत वाहन मालिकों से बात की, लेकिन कई वाहन मालिक इस नियम से अंजान दिखे।
दरअसल कई वाहन शोरूम और वर्कशाप प्रचार के लिए वाहनों पर स्टीकर या अन्य विज्ञापन सामग्री लगा देते हैं। इससे उनके शोरूम या वर्कशाप का प्रचार होता है। कानून के तहत बिना आपकी मर्जी से कोई भी शोरूम मालिक आपसे से प्रचार नहीं करा सकता है। शहर में इस समय दो पहिया और लग्जरी कारों समेत लगभग दो लाख वाहन हैं। इनमें 70 फीसदी वाहनों पर अलग-अलग शोरूम, गैरिज या वर्कशाप के स्टीकर लगे आसानी से देख जा सकते हैं। शोरूम या वर्कशाप संचालक सर्विस के लिए आने वाले
वाहनों पर स्टीकर चस्पा कर
देते हैं और इनसे उनकी कंपनी का प्रचार होता है।