ओसीबी बिजली मशीन दुरुस्त करते कर्मचारी।
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शहर को बिजली आपूर्ति करने वाले एक नंबर बिजली केंद्र पर रविवार की रात चूहे को पकड़ते हुए एक बिल्ली ओसीबी बिजली मशीन में घुस गई। आपूर्ति के दौरान मशीन में बिल्ली के घुसते ही तारों के आपस में संपर्क में आते ही मशीनों में आग लग गई। जिससे पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। खास बात यह है कि जानकारी के बाद हरकत में आए बिजली अधिकारियों ने बजाए जानकार इंजीनियरों को बुलाने के पेंचकस पकड़ झोलाछाप लाइनमैनों को लगाकर मशीनों को ठीक कराने का प्रयास किया गया। जिससे 20 घंटे से पूरे शहर में भीषण गर्मी में लोग बेहाल बने हुए हैं।
रविवार को देर रात लगभग 11 बजे शहर के एक नंबर बिजली केंद्र में अचानक चूहे को पकड़ते हुए एक बिल्ली मशीन के पीछे बनी केबिन में घुस गई। इससे धमाके साथ चिंगारियां उठने लगीं और पूरे शहर की बिजली ठप हो गई। इसके साथ बिल्ली भी करंट की चपेट में आकर मर गई। अचानक फाल्ट होते देख केंद्र पर मौजूद बिजली कर्मचारी भी हड़बड़ा गए। आनन-फानन में 33 हजार केवीए की लाइन के ब्रेकर खोले। लेकिन, तब तक दो नंबर इनकमिंग व आउट गोइंग की मशीनों के कांट्रेक्ट पूरी तरह से जल चुके थे।
यही नहीं केबल भी पूरी तरह से जल गई। पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को गर्मी और उमस में रात काटनी पड़ी। सोमवार सुबह भी टंकियां नहीं चलने के कारण पानी की परेशानी हुई। लोगों की भीड़ हैंडपंपों पर दिखाई दी। सुबह केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे एक्सईएन रविंद्र बाबू ने जल्द मशीनों को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह 8 बजे के बाद से केंद्र पर मशीनों को दुरुस्त करने का काम शुरू कराया गया। सोमवार रात आठ बजे तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई।