बागपत। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों का विरोध फिर से तेज हो गया है। बृहस्पतिवार को प्रधान के साथ एनजीटी के शिकायतकर्ताओं ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। इस दौरान हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों से अवगत कराया। बताया कि दोबारा से इकाइयां शुरू हो गई है।
चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में भड़ल गांव में एक माह से अधिक लोगों ने धरना दिया। इसके बाद प्रशासन ने एनजीटी के आदेश पर इसे बंद करवा दिया था। बृहस्पतिवार को प्रधान देवेंद्र सिंह के साथ जितेंद्र कुमार राणा, मास्टर सुखवीर सिंह राणा, यशपाल सिंह डीएम पवन कुमार से मिले। उन्होंने बताया कि गांव में चर्म शोधन इकाइयों से जीना दुश्वार हो गया है। बीमारियों ने पैर पसारे हुए हैं। लोग त्वचा रोग से लेकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों की चपेट में हैं। इसकी शिकायत एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में और हाईकोर्ट में की । ग्रामीणों का पक्ष सुनकर एनजीटी ने 43 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसे पूरी तरह गैरकानूनी और लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनाया । तब तो इसे बंद कर दिया। अब दोबारा से सभी इकाइयों को चालू कर दिया। गांव में गाड़ियों में चमड़े से भरी गाड़ियां उतरनी शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों ने डीएम से जांच कराकर इन्हें बंद करवाने की मांग की। डीएम पवन कुमार ने उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।