बागपत। जरा जरा सी बातों पर हल्ला मचा देने वाले जनपद के नेता असारा नरसंहार पर आखिर खामोश क्यों हैं? यह सवाल अब धीरे धीरे जोर पकड़ रहा है। यह देखकर हर किसी को हैरानी हो रही है कि नरसंहार के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए किसी भी विधायक ने पुलिस पर दबाव नहीं बनाया। आए दिन हल्ला मचाने वाले संगठनों ने भी इतनी बड़ी वारदात पर धरना प्रदर्शन करना जरूरी नहीं समझा।
अगर जनप्रतिनिधियों ने इस घटना को लेकर गंभीरता दिखाई होती तो पुलिस की कोशिशें अलग ही नजर आतीं। अब तो ऐसे लग रहा है जैसे पुलिस पर गिरफ्तारी के लिए किसी तरह का प्रेशर ही नहीं। ऐसे मामलों में पुलिस को गिरफ्तारी के लिए अल्टीमेटम या चेतावनी दी जाती है लेकिन इस केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ? आखिर इस खामोशी की वजह क्या है। इस बारे में बात की गई तो जवाब इस तरह से मिले। रालोद जिलाध्यक्ष धनपाल सिंह गुर्जर का कहना है कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हम एसपी के पास नहीं गए तो कोई दूसरी पार्टी का भी तो कोई नेता नहीं गया। हमारे एमएलसी चौधरी मुश्ताक पीड़ितों से मिलने असारा गए थे। बसपा जिलाध्यक्ष हरवीर सिंह का कहना है कि असारा की घटना के अगले दिन वे कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे थे। एसपी से हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी की। अगले विधानसभा सत्र में बसपा के विधायक यह मामला सदन में भी उठाएंगे।
सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि हत्यारोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सपा इस घटना को लेकर गंभीर है। उधर, घटना को आज दसवां दिन है। नौ दिन में पुलिस नामजद आरोपियों में एक भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।