बागपत। महंगाई की मार से परिवार की रसोई भी अलग होने लगी है। गैस कनेक्शन के चक्कर में एक-एक घर से तीन-तीन राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन आ रहे हैं। सभी अपनी अलग रसोई कर रहे हैं, जिससे घर में सब्सिडी वाली गैस मिल सकें। जिला पूर्ति कार्यालय में रोजाना ऐसी 8-10 अर्जियां आ रही हैं।
सांझा चूल्हों का मजबूरी में बंटवारा होने लगा है। बेशक लोग संयुक्त परिवार चाहते हों, लेकिन महंगाई ने परिवारों को अलग करने पर मजबूर कर दिया है। संयुक्त परिवार में जितने भी बालिग सदस्य हैं और एक राशन कार्ड पर ही उनका नाम है, वे सभी अपनी-अपनी रसोई अलग करने की तैयारी कर रहे हैं और एक राशन कार्ड से अपना नाम हटवाकर अपना अलग राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। एक परिवार से तीन-तीन आवेदन आ रहे हैं। हर राशन कार्ड पर अलग रसोई गैस कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा सके। एक कनेक्शन पर सब्सिडी वाले कम से कम छह सिलेंडर तो मिल ही जाएंगे। बड़े परिवार में एक साल में जहां 12 सिलेंडर भी कम पड़ जाते हैं, वहां छह सिलेंडरों से क्या होगा? जिला पूर्ति कार्यालय में 8-10 आवेदन नए राशन कार्ड के लिए आ रहे हैं, लेकिन फिलहाल नए राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रभा कहतीं हैं कि राशन कार्ड नए सिरे से बनवाने की प्रक्रिया चल रही है, जिस कारण पुराने राशन कार्ड अभी नहीं बनाए जा रहे हैं। हालांकि रोजाना काफी आवेदन राशन कार्ड बनवाने के लिए आ रहे हैं।