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सिलेंडर का सितम: रसोई का निकला दम

Baghpat Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
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बागपत। रसोई गैस के रेट ने रसोई में एक बार फिर मुसीबत ला दी है। हर बार रसोई को ही निशाना बनाने को लेकर गृहणियां खासी नाराज हैं। पहले सब्सिडी के सिलेंडर घटाने और फिर घटे सब्सिडी के सिलेंडरों पर भी रेट बढ़ाने पर गृहणियां तमतमा गईं हैं। हर बार रसोई पर ही गाज गिरने की बात कहते हुए महिलाओं ने केंद्र सरकार ने तीखे स्वर में सब्सिडी के सिलेंडर बढ़ाने एवं रेट वापस लिए जाने की मांग की है।
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आदर्श कालोनी निवासी मयूरी तो सब्सिडी वाले सिलेंडर को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के कुछ अधिकारी मोटी तनख्वाह पाने वाले एसी में हर समय रहने वाले, महंगी गाड़ियों में घ्ूामने वालों को सब्सिडी के सिलेंडर होने न होने का फर्क नहीं पता। उनके लिए दो हजार रुपये का सिलेंडर भी कुछ नहीं है। अब रेट बढ़ा दिए हैं, दस-बारह रुपये तो सहन कर लिए जाएं, लेकिन छह सिलेंडरों में पूरे साल किसी भी हालत में काम नहीं चल सकता। कम से कम 12 सिलेंडर किए जाएं।
न्यू कालोनी निवासी पिंकी तो रसोई गैस पर बढ़ रही महंगाई को लेकर तेज स्वर में कहतीं हैं कि सरकार को हर बार गरीब के मुंह में जाता निवाला ही नजर आ रहा है, जो किसी न किसी तरह रसोई को ही निशाना बना रही है। सड़क पर उतरकर विरोध करने की चेतावनी भी दी।
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झंकार वाली गली निवासी रोहिणी कहतीं हैं कि आखिर रसोई पर ही हर बार बोझ क्यों डाला जा रहा है। वाहनों को महंगा कर दिया जाए, अन्य बड़े उपकरणों को महंगा कर दें, सिर्फ रसोई को ही निशाना बना रहे हैं।
ठाकुरद्वारा मोहल्ला निवासी श्वेता कहतीं हैं कि गरीबों को फिर से चूल्हा जलाना पड़ेगा। सरकार ने ठान लिया है कि महंगाई बढ़ानी है, गरीबी की बजाय गरीबों को ही खत्म करना है।
कोर्ट रोड गली नंबर चार निवासी पूनम कहतीं हैं कि गैस बढ़ा रही है सरकार तो वेतन और मजदूरी भी बढ़वाए। लोगों की आधी से ज्यादा कमाई तो रसोई में ही जा रही है।
कोर्ट रोड गली नंबर तीन निवासी प्रतिभा राज का कहना है कि महंगाई केचलते अमीर और अमीर हो रहा और गरीब भुखमरी की कगार पर पहुंच रहा है। सरकार को बढ़ी कीमतें वापस लेनी चाहिए। गरीबों को ईंधन नहीं मिलेगा तो खाना कहां से खाएगा।
कोर्ट रोड निवासी नेहा कहतीं हैं कि रसोई गैस तो अब आम आदमी के बस से बाहर होती जा रही है। रसोई गैस का फिलहाल अभी विकल्प भी नहीं है, लेकिन विकल्प तो ढूंढना ही होगा।
चमरावल रोड निवासी सविता तो सीधे सरकार पर ही बरस पड़तीं हैं। वह कहतीं हैं कि सरकार चाहती है कि लोग रसोई में गैस की जगह चूल्हा इस्तेमाल करना शुरू कर दें। सरकार को सब्सिडी वाले सिलेंडर बढ़ाने ही होंगे। रेट भी वापस लेना होगा।
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