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‘देश की आवाज है, होना अब इंसाफ है’

Baghpat Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
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बागपत। अब तो आंसू भी रोने लगे हैं। चिल्लाने लगी है चीख भी और गुस्सा है आपा खोने को बेताब। पर्वत सी जो हो गई है पीर। इस हंगामे का मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना नहीं। बागपत के ये हजारों छात्र-छात्राएं दरिंदगी के खिलाफ सिर्फ शोर-शराबा करने को सड़कों पर नहीं उतरे। इनकी कोशिश है, ये सूरत बदलनी चाहिए। इनके सीने में सुलग रही हैं आंच, जो होठों पर अंगारा बनकर आ गई है.....
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दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार की जघन्य घटना का विरोध शुक्रवार को भी जारी रहा। यहां सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज ने मानवता बचाओ दिवस मनाया। इसमें बलात्कारियों को फांसी दिए जाने की मांग उठाई गई। इसके लिए कॉलेज के छात्र-छात्राओं में तख्ती लिए शहर भर में रैली निकाली। राष्ट्र वंदना चौक पर मानव श्रृंखला बनाई, जिससे ट्रैफिक थम गया। यहां बलात्कारियों को फांसी दो, शीला दीक्षित हाय-हाय, सोनिया गांधी हाय-हाय के नारे लगाए गए।
- कैसे-कैसे नारे लगाए :
जागो ऐ बहरी सरकार, जनता कर रही हा-हाकार। कोई माने या न माने, यह हकीकत है, इंसाफ इंसान की जरूरत है। शर्म तुझे नहीं और पर्दा मैं करूं? । हर लड़की ने ठाना है, वहशी दरिंदे को हराना है। देश की आवाज है, होना अब इंसाफ है। मानव जाति का यही फरमान, बलात्कारियों का मिटे निशान।
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-- कहां कहां अलख जगाई :
डिग्री कॉलेज से शुरू हुआ छात्र-छात्राओं का जुलूस राष्ट्र वंदना चौक, कोर्ट रोड, बड़ा बाजार, गांधी बाजार, शौकत मार्केट पहुंचा। आगे छात्राएं और पीछे एनएसएस इकाई के स्वयंसेवक चल रहे थे। इनके साथ में कॉलेज का स्टाफ भी था।
-- फांसी देने की मांग उठाई :
रैली के बाद कॉलेज में गोष्ठी हुई। इसमें कॉलेज प्राचार्य ने हमीदाबाद गांव में छह साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या और दिल्ली की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि आज हमारा समाज कितना अनैतिक हो गया है। दोषियों को फांसी पर लटकाया जाना चाहिए। इस मौके पर प्रबंधक राजेंद्र चौहान, अजय चौहान, श्रीनिवास चौहान, प्रेमपाल चौधरी, प्रकाश राणा मौजूद रहे।

‘ रेप केस में 20 दिन में संभव है फैसला’
बागपत। अगर अदालत चाहे तो बलात्कार के मामलों की सुनवाई 20 महज दिन में पूरी कर फैसला सुना सकती हैं। हैरान न होइए इस देश में ऐसी नजीर मौजूद हैं। अधिवक्ता विजय श्री ने ऐसे ही एक केस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जयपुर में विदेशी महिला के साथ रेप हुआ था। जयपुर हाइकोर्ट के निर्देश पर वहां की स्थानीय अदालत ने इस केस की सुनवाई 20 दिन में पूरी कर अपना फैसला सुना दिया था। क्या यह यूपी में भी संभव है? इस पर उनका कहना था कि ऐसा हो तो सकता है लेकिन फिलहाल तो यहां फास्ट ट्रैक कोर्ट ही बंद हो गई हैं। दिल्ली की घटना को लेकर देश भर में बलात्कारी को फांसी देने की मांग उठ रही है। क्या यह संभव है? इस पर उन्होंने बताया कि इसके लिए कानून में संशोधन करना पड़ेगा। मौजूदा कानून में बलात्कार के जुर्म में सात साल से उम्र कैद तक की सजा है। उनके मुताबिक खास परिस्थितियों में सजा सात साल से कम भी हो सकती है।

लड़कियों को मिलनी चाहिए कमांडो ट्रेनिंग
बागपत। जिस तरह से लड़कियों के साथ वारदात बढ़ रही हैं, उसके लिए कुछ कदम उठाने जरूरी हो गए हैं। लड़कियां खुद को सेल्फ डिफेंस के लिए तैयार करें। इसके लिए जरूरी है कि लड़कियों को कमांडो ट्रेनिंग दी जाए। यह कहना है मार्शल आर्ट की खिलाड़ी सरिता सिंह का। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सेल्फ स्टडी को सब्जेक्ट के रूप में शुरू किया जाना चाहिए। फिजिकल ट्रेनर की यह जिम्मेदारी हो कि वह लड़कियों को कराटे, जूडो, बॉक्सिंग सिखाए ताकि जरूरत पड़ने पर इन कलाओं को सेल्फ डिफेंस के लिए इस्तेमाल किया जा सके। इनमें ऐसी तरकीबें हैं, जिनकी मदद से छेड़छाड़, अपहरण या बलात्कार जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है। यह सही है कि पुलिस बहुत मुस्तैद नहीं रहती, लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि हर जगह पुलिस मौजूद नहीं रह सकती जबकि घटना कहीं भी हो सकती है।
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