बिजनौर। पुलिस कस्टडी में नरेंद्र उर्फ रावण को गोली से उड़ाने के दौरान पुलिस की गोली से ढेर हुए बदमाश के शव की शिनाख्त हो गई है। एसपी का दावा है कि मारा गया बदमाश गांव घिटौरा, खेकड़ा (बागपत) निवासी शार्प शूटर बब्लू गुर्जर था, जो सुंदर भाटी गैंग के लिए काम करता था।
सोमवार को रोडवेज बस स्टैंड पर मारे गए इस शूटर के शव की शिनाख्त के प्रयासों को सफलता मंगलवार को मिली। एसपी सुनील चंद्र वाजपेयी के अनुसार सुंदर भाटी गैँग का शार्प शूटर बब्लू गुर्जर ग्रेटर नोएडा के गिरधरपुर में रहकर नोएडा और गाजियाबाद में वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस संबंध में दोनों जिलों की पुलिस से बब्लू का आपराधिक इतिहास मांगा जा रहा है। बब्लू की गिनती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के टॉप शूटरों में होती थी।
‘खूब चल रहा था रावण का खेल’
बिजनौर। सुंदर भाटी गैंग के हाथों मारे गए बदमाश नरेंद्र उर्फ रावण का रंगदारी मांगने का खेल डासना जेल से लगातार चल रहा था। जेल में रहते हुए भी वह अपने लोगों की मार्फत रंगदारी वसूल रहा था। शिकायतों पर उसे डासना जेल (गाजियाबाद) से मुजफ्फरनगर जेल शिफ्ट किया गया था। लेकिन रंगदारी का खेल जारी रहा। इसके बाद उसे 16 दिसंबर को बिजनौर जेल शिफ्ट किया गया। लेकिन जेल में मिलने आने वालों की मार्फत पत्र भेजकर रावण ने व्यापारियों और बड़े लोगों से रंगदारी मांगना जारी रखा। रावण के गैंग के सदस्य रंगदारी वसूलते थे। रंगदारी न देने पर बड़े लोगों को ठिकाने लगाने की धमकी दी जाती थी। बिजनौर जेल में भी रावण ऐश काट रहा था। सूत्रों के मुताबिक जेल में उससे कोई काम नहीं लिया जाता था। वह जो चाहता था, करता था।
‘अंतिम बार मिली थी पत्नी’
बिजनौर जेल में रावण से आखिरी बार रविवार को उसकी पत्नी स्वाति ने मुलाकात की थी। दोनों में काफी देर तक बात हुई थी। इसके बाद स्वाति वहां से चली गई। फिर कोई भी रावण से मिलने नहीं आया। रावण से उसके गैंग के सदस्यों की सोमवार को गौतमबुद्ध नगर में पेशी के दौरान मिलने की योजना थी लेकिन उससे पहले ही उसे गोली से उड़ा दिया गया।
‘पुलिस ने भी चलाई कई राउंड गोली’
गैंगवार और गोलीबारी में पुलिस ने भी कई राउंड गोलियां चलाई थीं। सिपाही वीरपाल ने आठ राउंड, अनिल ने चार व सजीत ने तीन राउंड गोलियां चलाईं। मौके से पुलिस को कारबाइन के 20 से ज्यादा खोखे मिले हैं। कारबाइन से बदमाशों ने यह गोली पुलिस पर चलाई थी।
‘तीन-तीन गोली लगीं दोनों को’
पुलिस ने दोनों बदमाशों को भले ही एक-एक गोली लगने का दावा किया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के शरीर पर तीन-तीन गोली लगी पाई गईं। रावण को एक गोली कनपटी पर, एक पीठ और एक कंधे पर लगी मिली। कनपटी में फंसी गोली ही उसकी मौत का कारण बनी। जबकि बब्लू गुर्जर के एक गोली पेट में फंसी मिली जबकि दो गोली पेट के आरपार हो गईं।
‘घायल बदमाश भी मरा’
एसपी के मुताबिक पुलिस की गोली से जो बदमाश घायल हुआ, उसके भी मरने का पता चला है। उस बदमाश का नाम गुड्डू बताया जा रहा है। गैंग के सदस्यों ने इस बदमाश को कहीं फेंक दिया है। जिसका पता लगाया जा रहा है। उसके गले में गोली लगने की बात कही जा रही है।
क्या कहा भइया, बब्लू बदमाश था!
खेकड़ा (बागपत) । क्या कहा भइया, बब्लू बदमाश था! नहीं, नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। वो तो कहता था कि मैं दिल्ली में नौकरी करता हूं... ये हैरानी भरे अल्फाज उस घिटौरा गांव के लोगों के हैं, जहां का बबलू गुर्जर सोमवार को बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। गांव के लोगों को विश्वास नहीं कि वह अपराधी था। बबलू की मरने की खबर गांव में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पहुंची। उस समय उसके घर उसकी विधवा मां राजेश्वरी देवी और छोटा भाई प्रवीण थे। जो मौत की सूचना मिलने पर घर बंद कर चले गए। बब्लू के पिता जगत सिंह गुर्जर का निधन दस साल पहले हो गया था। बताया गया कि पांच साल पूर्व बब्लू का गांव में ही झगड़ा हो गया था। उसके बाद से वह गांव छोड़कर ग्रेटर नोएडा में अपने मामा के पास रह रहा था। गांव वालों का कहना है कि वह कभी कभी आता था। पूछने पर कहता था कि दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। उधर खेकड़ा थाना प्रभारी जीपी यादव का कहना है कि बब्लू के खिलाफ खेकड़ा थाना में कोई केस दर्ज नहीं है।