बागपत। बड़ौत के गुराना रोड पर पांच साल पूर्व हुई सुभाष की हत्या के दोषी रिटायर्ड प्रोफेसर समेत दो लोगों को कोर्ट ने गुरुवार को उम्रकैद की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बड़ौत के गुराना रोड निवासी रिटायर्ड प्रोफेसर दूबे सिंह के मकान में रहने वाले रिश्ते के भांजे सुभाष की 14 मई 2008 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें सुभाष के भाई अरविंद ने दूबे सिंह, उसके बेटे दुष्यंत, विक्रांत और उनके साथी गुराना के रामवीर, वाजिदपुर के बिट्टू, छपरौली के मोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों में से मोनू नाबालिग है। उसका केस किशोर न्याय बोर्ड में चला गया है। अन्य आरोपियों का केस एडीजे कोर्ट संख्या छह शिवमणि शुक्ल की कोर्ट में चल रहा था। आरोपी बिट्टू और दुष्यंत की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में कोर्ट ने बुधवार को आरोपी दूबे सिंह और रामवीर को दोषी मान लिया। वहीं पप्पू और विक्रांत को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। गुरुवार को कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई। अपर जिला एवं शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि दोषी दूबे सिंह और रामवीर को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।