बागपत। गन्ना किसानों की सबसे बड़ी कर्जदार मलकपुर चीनी मिल ने एक बार फिर बकाया भुगतान का शेड्यूल बताने के बजाय गोलमोल जवाब दे दिया। प्रशासन ने मिल मैनेजमेंट की मीटिंग बुलाकर बेहद सख्त तेवर दिखलाए। इस पर मिल अधिकारियों ने 42 दिन में 142 करोड़ के भुगतान का वादा तो कर लिया लेकिन शेड्यूल की जानकारी मंगलवार तक के लिए टाल दी। उन्होंने कहा कि पहले मिल मालिक से बात हो जाए, इसके बाद ही बता पाएंगे कि भुगतान की तारीखें क्या होंगी।
गन्ना बकाया भुगतान पर कलक्ट्रेट सभागार में बुलाई इस बेहद महत्वपूर्ण मीटिंग में प्रशासन की ओर से डिप्टी केन कमिश्नर वीरेंद्र बहादुर सिंह, डीएम अमृत त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार का रवैया कड़क रहा। मिल की तरफ से अध्याशी संतोष कुमार गुप्ता, मुख्य वित्त अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता, जीएम कॉमर्शियल विजय कुमार जैन, डिप्टी केन मैनेजर मुकेश कुमार मलिक ने शिरकत की। किसानों की बात रखने के लिए छपरौली के रालोद विधायक वीरपाल राठी, सपा नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. महक सिंह मौजूद रहे। मिल अफसरों को देखते ही किसान भड़क उठे और हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि गन्ना बकाया 142 करोड़ का भुगतान कराया जाए। डीएम ने संतोष गुप्ता से पूछा कि कब तक भुगतान हो जाएगा? जवाब मिला 42 दिन के भीतर।
इसके बाद डीएम और डिप्टी केन कमिश्नर ने भुगतान का शेड्यूल देने के लिए कहा। इसपर मिल के तमाम अधिकारियों ने पहले एक-दूसरे की तरफ देखा। फिर सोच समझकर जवाब दिया कि अभी मिलमालिक मोदी से बात नहीं हो पाई है। बात होने के बाद ही बता पाएंगे। इसपर प्रशासन ने दो टूक कहा कि अब ऐसे नहीं चलेगा। इसके बाद संतोष गुप्ता ने कहा कि मंगलवार को शेड्यूल बता दिया जाएगा।
विधायक वीरपाल राठी और पूर्व विधायक महक सिंह ने तल्ख अंदाज में कहा कि मिल के बहाने नहीं चलेंगे। भुगतान करना ही होगा। इसके थोड़ी देर बाद मीटिंग समाप्त हो गई। डीएम ने बागपत और रमाला सहकारी मिलों के मैनेजरों से भी भुगतान में तेजी लाने के लिए कहा।
किस पर कितना बकाया
-मलकपुर : 142 करोड़
-बागपत : 13.53 करोड़
- रमाला : 13.18 करोड़