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पुरा मेले के लिए नहीं मिलता एक धेला

Baghpat Updated Tue, 09 Jul 2013 05:30 AM IST
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बागपत। पौराणिक तीर्थ परशुरामेश्वर मंदिर में लगने वाले श्रावणी मेले में भले ही 15 से 20 लाख कांवड़िए आते हों, लेकिन इतने विशाल आयोजन के लिए शासन की ओर से बजट के नाम पर एक रुपया भी जारी नहीं किया जाता है। ऐसे में साल दर साल तमाम इंतजाम करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। लेकिन इस बार बजट मिलने की कुछ उम्मीद जगी है। इसके दो कारण हैं। एक तो प्रशासन ने मजबूत पैरवी के साथ पैसा मांगने की रणनीति तैयार की है। दूसरा, धर्मार्थ कार्य विभाग के सलाहकार साहब सिंह ने शासन स्तर पर पैरवी का वादा किया है।
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राज्यमंत्री का दर्जा पाने के बाद साहब सिंह ने सोमवार को पुरा महादेव मेला की व्यवस्थाओं के संबंध में पहली बार कलक्ट्रेट में अधिकारियों की मीटिंग बुलाई। इसमें एडीएम सुरेंद्र राम ने बजट का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में तमाम व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन शासन से बजट के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिलता है।
अगर पैसा मिल जाए तो बड़ी राहत हो सकती है। इस पर डीएम अमृत त्रिपाठी ने तुरंत ही मीटिंग में मौजूद तमाम अधिकारियों से अपने-अपने विभाग का इस्टीमेट तुरंत देने को कहा। इसके बाद साहब सिंह बोले कि वे 10 जुलाई को लखनऊ जा रहे हैं। पुरा मेले के लिए बजट मिलना बेहद जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि वे शासन में पूरी पैरवी करके बजट मुहैय्या कराने की कोशिश करेंगे। फिलहाल मेले के लिए व्यवस्थाएं दो तरह से होती हैं। एक तो मंदिर समिति मंदिर के अंदर की व्यवस्था देखती है। दूसरा सभी विभाग अपने विभागीय बजट से काम चलाते हैं। इस बार दिक्कत यह है कि मंदिर की कमेटी भी भंग है। इसका काम संरक्षक देख रहे हैं। मीटिंग में संरक्षक बलवीर सिंह मलिक मौजूद रहे। साहब सिंह ने बौद्ध गया ब्लास्ट के मद्देनजर पुरा महादेव मंदिर की सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात भी कही। मीटिंग में पुलिस की ओर से एसपी राजू बाबू सिंह मौजूद रहे।
कांवड़ की कसरत
:: मंदिर के पश्चिम गेट से मेन रोड तक कोई भी दुकान नहीं लगाने दी जाएगी।
:: पंडाल लगाए जाने का काम हर हाल में 27 जुलाई तक करना होगा।
:: किसी भी दुकान पर माइक नहीं लगेगा। मंदिर के गेट के पास माइक लगाया जाएगा।
:: मंदिर के रास्ते में पड़ने वाले गांवों में प्रशासन के सहयोग के लिए 10-10 लोगों की कमेटी बनेगी।
:: प्रत्येक कांवड़ शिविर में एक बाइक पर दरोगा और डॉक्टर 24 घंटे तैनात रहेंगे।
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