दाहा/बड़ौत। सरोरा गांव के बाला जी मंदिर में बुधवार की रात 15 सशस्त्र बदमाशों ने वहां मौजूद साधुओं को बंधक बनाकर जमकर लूटपाट की और बाद में उनकी जमकर पिटाई की गई। उनके नाखून तक उखाड़ने का प्रयास किया गया। यहां से बदमाश 16 गाय, दो दानपात्रों से करीब दो लाख रुपये और वहां मौजूद साधुओं से 70 हजार रुपये लूट ले गए। इस घटना की सूचना मिलने पर गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया। वे काफी संख्या में मंदिर पर पहुंचे और उन्होंने जमकर हंगामा किया। सूचना पर एसडीएम व सीओ कई थानों के पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और वहां पर पीएसी तैनात कर दी गई है। मामला लूट की धाराओं में दर्ज किया गया है।
मेरठ-करनाल हाईवे मार्ग पर सरोरा गांव के बाहर बाला जी का मंदिर है। जहां साधु गौतम नाथ, छोटू गिरी, विक्रमवीर व सेवादार रमेश रहते है। गुरुवार रात साधु विक्रमवीर खड़ी तपस्या कर रहे थे, जबकि अन्य साधु सो रहे थे। तभी 15 सशस्त्र नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और उन्होंने सभी को बंधक बनाकर मारपीट की और छोटू गिरी के हाथों के नाखून भी उखाड़ने का प्रयास किया। बाद में बदमाश यहां से दो दान पात्रों से करीब दो लाख रुपये की नकदी, साधुओं के पास रखे 70 हजार रुपये, 16 गाय लूटकर ले गए और सभी साधुओं व सेवादार को मंदिर के कमरे में बंद कर गए। किसी तरह सुबह वे किवाड़ तोड़कर बाहर निकले और इसकी सूचना गांव वासियों व पुलिस को दी। सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना पर एसडीएम राजेंद्र सिंह, सीओ घनश्याम सिंह, कई थानों का पुलिस बल व पीएसी मौके पर पहुंची और पुलिस ने कार्रवाई की मांग की। साधुओं ने एक बदमाश पहचान भी लिया है जो पास के पारसी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। इस घटना को लेकर गांव में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। वहां पर पीएसी तैनात कर दी गई है। इस संबंध में साधु विक्रम गिरी ने एक बदमाश को नामजद व अन्य के विरुद्ध तहरीर दी है। पुलिस ने इस मामले को लूट की धाराओं में मामले को दर्ज किया है।
साधु लूटते रहे, पुलिस सोती रही
सरोरा पुलिस चौकी घटना स्थल से मात्र 150 मीटर की दूरी पर है, लेकिन पुलिस घटना के समय सोती रही। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी वाहनों से अवैध वसूली में जुटे रहते हैं और बदमाश घटनाओं को अंजाम देकर चले जाते है। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि चौकी पर पुलिस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।
तपस्या भंग कर बचाई शिष्य की जान
मंदिर में साधु विक्रम गिरी पांच वर्षों से खड़ी तपस्या कर रहे हैं। बदमाशोें ने उनके शिष्य छोटू गिरी की गर्दन पर धारदार हथियार रखकर पैसे के बारे मे पूछा और नहीं बताने पर गर्दन काटने की धमकी दी। इस पर विक्रम गिरी ने शिष्य की जान बचाने के लिए अपनी तपस्या भंग कर दी और उसके पास रखे 70 हजार रुपये बदमाशों को दे दिए।
शांति बनाए रखने की अपील
इस घटना के बाद डीएम अमृत त्रिपाठी व एसपी लक्ष्मी सिंह दोघट थाना पहुंचे और उन्होंने वहां शांति समिति की बैठक कर शांति सौहार्द बनाए रखने की अपील की और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।