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इनकी हर सांस पर है खौफ का साया

Baghpat Updated Fri, 21 Feb 2014 05:30 AM IST
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बागपत। पुलिस की नाकामी ने कई परिवारों को हर पल दहशत में जीने को मजबूर कर रखा है। ये बदनसीब किसी न किसी अपराधी के निशाने पर हैं। पुलिस ने इन्हें सुरक्षा तो दे दी है, लेकिन इनके जान के दुश्मन बने अपराधियों को पकड़ नहीं पा रही है। इतना खौफ है इनमें कि कहीं जाने से पहले सौ बार सोचते हैं।
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गांगनौली के राजेंद्र का परिवार बार-बार एसपी से कह रहा है कि एक-एक लाख के ईनामी प्रमोद और अमित को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। ये अपराधी उन्हें पुलिस की सुरक्षा के बीच भी मार सकते हैं। इन्होंने पिछले साल 13 नवंबर को पुलिस सुरक्षा में ही इनके परिवार के सरोज और रामवीर को गोलियों से भून दिया था, लेकिन पुलिस दोनों का सुराग तक नहीं लगा पा रही।
बंदपुर के प्रधान प्रवीन को डर है जेल में बंद अपराधी विक्की सुन्हेड़ा के गुर्गों से। विक्की जेल जाते समय कह गया था कि प्रवीन को जिंदा नहीं छोड़ेगा। प्रवीन का कहना है कि विक्की के गुर्गे उसके घर के आसपास मंडरा रहे हैं। पुलिस इन्हें पकड़ नहीं पा रही है।
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इसी तरह कस्बा टीकरी के पूर्व चेयरमैन सोमपाल राठी भी सुरक्षा के घेरे में सांस ले रहे हैं। बागपत शहर में हितेंद्र के परिवार को सुरक्षा मिली हुई है क्योंकि हितेंद्र के तीन हत्यारोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। अगर पुलिस ऐसे सभी अपराधियों को पकड़ तो ऐसे लोगों को बड़ी राहत मिले तो सुरक्षा के घेरे में घुट-घुटकर जी रहे हैं। इसके अलावा पुलिस का खर्च भी बचे।
पुलिस सुरक्षा में जीने वालों में किरठल की प्रधान के पति कृष्णपाल सिंह, किरठल के ही साहब सिंह और नरेंद्र सिंह, चांदनहेड़ी के अशोक मलिक, खेकड़ा के भूपेंद्र चौधरी का परिवार, खेकड़ा के ही कर्मवीर चौधरी, बालैनी के अजयवीर सिंह, निरपुड़ा के निश्चय चौधरी सुल्तानपुर के विक्रम कापरिवार, पिछौकरा के महमूद शामिल हैं।

संगीनों के साये में उठी डोली
गांगनौली में राजेंद्र के परिवार को बदमाशों का इतना खौफ है कि उसकी बेटी बबली की शादी भी संगीनों के साये में हुई। जब चार फरवरी को उसकी डोली उठी, तो पूरे गांव में पुलिस लगाई गई। डर था कि कहीं प्रमोद और सद्दाम शादी में खून-खराबा न कर दें।
जल्द होगी गिरफ्तारी : एसपी
एसपी जितेंद्र कुमार शाही का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा करना है, जिसने भी सुरक्षा की मांग की है, उन्हेें दी गई है। फरार चल रहे बदमाशों को पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
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