बड़ौत। अजितनाथ मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन मुनि विहर्ष सागर महाराज के सानिध्य में विहर्ष सभागार में याज्ञ महामंडल विधान का आयोजन किया गया।
विधान का शुभारंभ महावीर भगवान की प्रतिमा के अभिषेक से हुआ। पीत वस्त्रधारी जैन श्रद्धालुओं ने प्रासुक जल से जिनेंद्र भगवान की प्रतिमा का अभिषेक किया। मुनि विहर्ष सागर महाराज द्वारा बोले गए मंत्रों के मध्य शांतिधारा का सौभाग्य संजय जैन को प्राप्त हुआ। विधानाचार्य श्रेयांस जैन तथा पंडित पवन दीवान द्वारा मांडले पर पंचमेरू और अष्ट मंगल विराजमान कराए गए। पंचमेरू और अष्ट मंगल के विराजमान का सौभाग्य त्रिशला जैन, अंजू जैन, रविता जैन, सुधा जैन, विन्नी जैन, रूचि जैन, कुंती जैन, संतोष जैन को प्राप्त हुआ। नित्य नियम की पूजा में नव देवता पूजन, भगवान महावीर पूजन, चौबीसी पूजन कराया गया तथा याज्ञ मंडल विधान के अंतर्गत सौधर्म इंद्र भारत जैन द्वारा मंडल पर अर्घ्य समर्पित किए गए। इस अवसर पर कुबेर इंद्र सचिन जैन द्वारा रत्नों की वर्षा की गई। पूजन में यज्ञनायक सुरेश जैन, ईशान इंद्र जयप्रकाश जैन, सानत इंद्र संजय जैन व माहेंद्र इंद्र सुनील जैन ने नृत्य किए। विधान के मध्य मुनि विहर्ष सागर महाराज ने कहा कि प्रभु की वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन पुण्यों को देने वाला है। जब हम धार्मिक आयोजन करते हैं तो हमारे अंदर से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है तथा प्रभु की कृपा रूपी वर्षा हम पर बरसती है। जिससे हमारी जिंदगी के सभी अभाव दूर हो जाते हैं। सांसारिक सुख तो स्वयं ही बिना मांगे हमें प्राप्त हो जाते हैं। अत: प्र्रभु की भक्ति भव सागर से पार कराने वाली है। संचालन वरदान जैन ने किया। विधान में महेंद्र जैन, मुकेश जैन, सुरेश जैन, अशोक जैन, इंद्राणी जैन, त्रिशला जैन, रजनी जैन आदि रहे।
पहली बार होगा शिखरों का अभिषेक
बड़ौत। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि नौ मई को सुबह सात बजे अजितनाथ भगवान की प्रतिमा को मूल वेदी में विराजमान किया जाएगा तथा 108 फीट ऊंचे मंदिर के शिखरों का अभिषेक मुनि विहर्ष सागर के सानिध्य में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये पहली बार होगा। आज तक केवल प्रतिमाओं का ही अभिषेक होता आया है।