बागपत। शासन द्वारा मलकपुर मिल की आरसी जारी कर दी है। अब प्रशासन मिल पर एफआईआर भी कराएगा क्योंकि मलकपुर शुगर मिल ने अभी तक 290 करोड़ में से इस पेराई सत्र का मात्र दो करोड़ रुपया ही जारी किया है। किसानों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी परेशान हैं कि मलकपुर शुगर मिल से पैसा कैसे मिलेगा।
शासन द्वारा मंगलवार की शाम को मलकपुर शुगर मिल के खिलाफ आरसी जारी कर दी है। यह आरसी वर्ष 2013-14 के भुगतान के लिए जारी की है। तीन माह पूर्व भी मलकपुर शुगर मिल की आरसी जारी की गई थी। उस समय आरसी 2012-13 के भुगतान के लिए जारी की गई।
मलकपुर शुगर मिल पर किसानों का इस समय ब्याज सहित 288 करोड़ रुपये का बकाया है। मिल के भुगतान की गति सप्ताह में सिर्फ 10 करोड़ के आसपास ही है। पिछले वित्तीय वर्ष का बकाया लगभग 125 करोड़ रुपए मिल ने एक साल में चुका पाए हैं। ऐसे में भुगतान की गति यही रही तो 288 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए किसानों को लगभग दो साल का इंतजार तो करना होगा।
शासन द्वारा मलकपुर पर आरसी जारी करने के बाद प्रशासन ने भी अपनी ओर से एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। लेकिन किसानों के भुगतान की समस्या तो जस की तस बनी हुई है।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार का कहना है कि मलकपुर मिल ने अभी कमीशन भी सिर्फ 1.65 करोड़ दिया है। अभी लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये का मिल पर कमीशन भी शेष है। दो तीन दिन में कमीशन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रमाला ने जारी किए 2.06 करोड़
चार दिन पूर्व पेराई सत्र समाप्त करने वाली रमाला शुगर मिल ने किसानों को 2.06 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह भुगतान रमाला मिल ने 15 अप्रैल 2014 तक का कर दिया है। अब मिल पर लगभग 24 करोड़ रुपये का बकाया रह गया है।