खेकड़ा।श्री पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र बड़ागांव स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में शनिवार को दो दिवसीय भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव शुरू हुआ। नित्य नियम पूजन, मंगलाचरण, झंडारोहण किया। साथ ही सांस्कृतिक आदि कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मंदिर को सजाया।
श्री पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर बडागांव मे शनिवार की सुबह से आचार्य श्री 108 ज्ञान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में दो द्विवसीय मेले एवं धार्मिक कार्यक्रम का विधि विधान के साथ शुभारंभ हुआ। इसमें सुबह छह बजे भगवान पार्श्वनाथ का नित्य नियम पूजन विधान हुआ और विभिन्न पूजा अर्चना का दौर चलता रहा। दोपहर 2 बजे आचार्य श्री की मौजूदगी में पंडित धनराज जैन ने भगवान पार्श्वनाथ के जयघोष के साथ बैंडबाजों की धुन के बीच झंडारोहण किया।
इसके पश्चात लक्की ड्रा निकाला। मंदिर पर जाने वाले सभी मार्गो पर जगह जगह स्वागत द्वार बनाए। मंदिर को रंगीन झालरों से सजाया। इसके बाद आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ससंघ संतो का मंगलाचरण किया। साथ ही नृत्य नाटिका का मंचन किया। सम्मान समारोह में अतिथियों का स्वागत पंडित हंसराज जैन अौर सुभाष चंद जैन ने किया। साथ ही देर शाम तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमो का आयोजन विधि विधान के साथ चलता रहा। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम चले। संचालन दिनेश जैन ने किया। इसमें रमेश चंद जैन, अरूण कुमार जैन, अजेश जैन, नरेश जैन, संजीव जैन, महावीर प्रसाद, सुनील जैन, कमेटी के संरक्षक बलवीर सिंह जैन आदि रहे।
विभिन्न क्षेत्रों से पदयात्रा कर श्रद्वालु पहुंचे बडागांव
खेकड़ा। शनिवार को दिल्ली, शाहदरा, लोनी, बागपत, बड़ौत, अमीनगर सराय आदि क्षेत्रों से चलकर पदयात्री बडागांव प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। पदयात्रियों के जत्थों का विभिन्न स्थानों पर स्वागत कर शीतल पेय, शिकंजी, चाय के साथ चिकित्सा सेवा का शिविर लगाए। जैन इंटर कॉलेज में पद यात्रियों के लिए जैन समाज ने खाने की व्यवस्था की। इसमें शानू, उदित, पुलकित, हिमांशु, अरिहंत, पुनीत, आकाश, अजय जैन, मुकुल जैन, मनीष जैन, मोहित, मिंटू, नीटू, संजय, जैन समाज के प्रधान अजेश जैन, बालेश जैन, नगीन चंद जैन, वीरेन्द्र जैन, विनय कुमार जैन, जनेश्वर दयाल जैन, सतीश जैन, श्रीयांस जैन, अंकुश जैन, ललित, संजीव जैन, सतीश जैन आदि रहे।
108 किलो का निर्वाण का लडडू चढ़ेगा आज
खेकड़ा। कार्यक्रम के समापन के चलते रविवार की सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर श्री जी को 108 किलो का निर्वाण का लडडू चढ़ाया जाएगा। सुबह 10 बजे श्रीजी की रथ यात्रा रवाना होगी। यात्रा त्रिलोकतीर्थ होती हुई पार्श्वनाथ साधुवृत्ति आश्रम पांडुकशिला मैदान में पहुंच वापस मंदिर में आएगी।
पार्श्वनाथ के दिखाए मार्ग पर चलने से ही कल्याण
खेकड़ा। आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने धर्म सभा में प्रवचन देते हुए कहा भगवान पार्श्वनाथ के दिखाए मार्ग पर चलने से ही मानव कल्याण संभव है। उन्होंने कहा गरीब असहाय लोगों की सेवा से बढ़कर कोई परोपकार नहीं हो सकता। सदैव छल कपट के मार्ग से दूर रह धर्म के मार्ग को ही ग्रहण करें।