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प्रमोद-परमवीर ने मिलकर की पप्पू की हत्या

Baghpat Updated Wed, 20 Aug 2014 05:30 AM IST
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दोघट/बड़ौत। गांगनौली के पप्पू हत्याकांड में भी दो खतरनाक अपराधी प्रमोद और परमवीर तुगाना का गठजोड़ सामने आया है। इलाके को दहला देने वाली इस वारदात में इन दोनों ईनामियों समेत कुल सात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस गिरोह ने पांच दिन पहले गांगनौली में ही पुलिस टीम पर भी फायर झोंके थे। परमवीर ने इससे पहले ट्योढ़ी में डबल मर्डर किया। साफ लग रहा है कि अगर पुलिस ने दोनों को बहुत जल्द नहीं पकड़ा तो हत्या दर हत्या का यह सिलसिला थमने वाला नहीं है।
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एफआईआर मृतक पप्पू के मामा अशोक मलिक ने दर्ज कराई है। अशोक मलिक आर्मी में हैं और पिछले साल मारी जा चुकी अपनी बहन सरोज के परिवार को बचाने के लिए इन सीरियल किलर के खिलाफ शासन तक में लड़ाई लड़ रहे हैं। नामजद आरोपियों में प्रमोद, उसके पिता सत्यवीर, भाई रवि, परमवीर तुगाना, देवेन्द्र धनौरा और शामली के एलम से चट्टान और चुन्नू और नितिन हैं।

ये हैं आरोपी
)) प्रमोद गांगनौली - एक लाख का ईनामी है, 20 से अधिक मुकदमे, पप्पू के परिवार में पांच खून कर चुका।
)) परमवीर तुगाना - छपरौली ब्लॉक प्रमुख बीरमती का बेटा है, पुराना हिस्टीशीटर है, 10 साल से अपराध कर रहा।
)) देवेन्द्र धनौरा - बेहद खतरनाक किस्म का अपराधी है, प्रमोद के साथ ही रहता है, गांगनौली में कई मर्डर कर चुका।
)) सत्यवीर - प्रमोद का पिता है, पप्पू की हत्या के समय अपराधियों के साथ बताया गया है।
)) रवि - प्रमोद का भाई है, पप्पू की हत्या के साथ मौके पर मौजूद बताया गया है।
)) चट्टान - प्रमोद गैंग का सदस्य बताया गया है, सरोज और रामवीर की हत्या में भी नामजद हुआ था।
)) चुन्नू और नितिन - दोनों प्रमोद गैंग के सक्रिय सदस्य बताए गए हैं, हर वक्त साथ रहते हैं।

चार टीमें लगाई - एसपी
एसपी जितेन्द्र कुमार शाही ने बताया कि पप्पू की हत्या में नामजद कराए गए आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
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कमरे से नहीं निकलते गनर
दोघट। पप्पू की हत्या के बाद उसकी बहन बबली और मां ओमबीरी का रो रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि अब गांव में उनका कुछ नहीं बचा। उन्हें सुरक्षा के लिए दो पुलिस कर्मी दिए हैं, लेकिन वे डर के मारे कमरे से बाहर नहीं निकलते। ओमबीरी ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस उनके परिवार की सुरक्षा ठीक से करती तो पप्पू की हत्या न होती।

साथ नहीं चले गनर
दोघट। मृतक के पिता राजेंद्र, भाई अनिल, अशोक का कहना है कि जिस समय पप्पू खेत में चारा लेने गया तो उनके यहां लगे सुरक्षा गार्ड को साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

हमारी जान खतरे में
दोघट। राजेंद्र ने बताया कि वह पिछले एक माह से अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा था, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। खतरा है कि हमलावर परिवार के ओर लोगों की भी जान ले सकते है।

पलायन कर चुका परिवार
दोघट। पप्पू की हत्या के बाद गांगनौली गांव की सड़कों पर सन्नाटा है। गांव में दहशत का माहौल नजर आ रहा है। पिछले साल रामबीर और सरोज की हत्या के बाद उनका परिवार पहले ही गांव छोड़ चुका है। उनके घर पर ताला लटका है।

चार गोली बरामद हुई
बागपत। गांगनौली में मारे गए पप्पू के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार दोपहर हुआ। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि उसके शव से चार गोलियां बरामद हुई। इसके अलावा तीन जगह गोलियों से निशान थे। उसे कुल सात गोलियां मारी गई।
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