बागपत। एक के बाद एक हत्या कर गांगनौली गांव में गब्बर कहे जाने वाले एक लाख के इनामी अपराधी प्रमोद के लिए अब पुलिस से बचकर भागते रहना बहुत मुश्किल हो गया है। सीरियल किलर को एक के बाद एक दूसरा ऐसा बड़ा झटका लगा है जिससे उबर पाना मुश्किल है। पहले इस मोस्ट वांटेड का दाहिना हाथ अमित उर्फ सद्दाम अपनी ही गोली से मारा गया और अब बायां हाथ देवेंद्र धनौरा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के लिए देवेंद्र से प्रमोद के राज उगलवाना बहुत मुश्किल नहीं होगा।
जैसे फिल्म शोले में डाकू गब्बर सिंह का खौफ दिखाया है, वैसी ही दहशत दोघट क्षेत्र के गांव गांगनौली में प्रमोद की है। उसे गांव के ही राजेंद्र के परिवार ने दबंगई से रोका था। इसी खुन्नस में राजेंद्र के परिवार के पांच लोगों की हत्या कर चुका है प्रमोद। इसके अलावा आसपास के गांवों में 25 से ज्यादा मर्डर किए हैं।
बागपत पुलिस के रिकार्ड में आज की तारीख में हत्या के इतने केस किसी और बदमाश पर नहीं जितने प्रमोद पर हैं। उसके पीछे दस थानों की पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और एसटीएफ तक लगी है, लेकिन उसने पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन बना हुआ था, लेकिन अब कहानी बदल सकती है। एक तो अपने साथी सद्दाम की मौत के बाद प्रमोद कमजोर पड़ चुका है।
दूसरा अब उसका सबसे भरोसेमंद साथी और उसके बाद इस गैंग का सबसे खतरनाक अपराधी देवेंद्र धनौरा पकड़ा गया है। अब देखना यह है कि पुलिस देवेंद्र से पूछताछ में प्रमोद के कितने राज खुलवा पाती है और उसे कब तक पकड़ा जाता है। अगर जल्द ही घेराबंदी नहीं हुई तो प्रमोद फिर से ताकतवर हो सकता है।
उसने सद्दाम की मौत के बाद हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना से हाथ मिलाया था, लेकिन अब जानकारी आ रही है कि परमवीर उससे अलग हो चुका है। पुलिस ने देरी की तो वह परमवीर जैसे और अपराधियों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करेगा।