बड़ौत। भाजपा नेता और सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने लोकसभा में पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बैंच स्थापित होने की पैरवी करते हुए कहा उन 15 करोड़ आम जनता और हजारों अधिवक्ता की यह पुरजोर मांग है।
उन्होंने लोकसभा में सोमवार को हाईकोर्ट बैंच की स्थापना का पक्ष रखते हुए कहा उप्र उच्च न्यायालय इलाहाबाद के बारे में जहां जजों की स्वीकृत संख्या 160, लेकिन आज 80 जज ही कार्यरत है। लाखों मामले लंबित है और इसका सीधा असर गरीब जनता पर पड़ता है। उन्हाेंने संसद में पक्ष रखा कि उप्र में लगभग 20 करोड़ की जनसंख्या है। इलाहाबाद में उच्च न्यायालय है और उसकी एक बैंच शाखा लखनऊ में देश की आजादी से शुरू हुई थी, क्योंकि यह पुराना अवध राज्य का हिस्सा था। लखनऊ बैंच केवल 12 जिलों का काम देखती है। उप्र की जनसंख्या और उसके 75 जिलों को देख मेरठ, आगरा, बनारस और गोरखपुर में 12-12 जिलों की हाईकोर्ट बैंच स्थापित करने की आवश्यकता है। इससे लंबित मामलोें का भी जल्दी निपटारा हो सकता है। उन्होंने भारत सरकार और सदन में उपस्थित कानून मंत्री सदानंद गौडा से यह निवेदन किया कि उप्र में चार नई बैंच स्थापित करने का क्रम मेरठ से शुरू होना चाहिए, क्योंकि 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम मेरठ की धरती से शुरू हुआ था।