बागपत में फरीद की हत्या के बाद लोगों ने घर पर ही शव रखकर हंगामा किया था। उन्होंने कहा जब तक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और आरोपी पुलिस वाले बर्खास्त नहीं होंगे, तब तक शव को सुपुर्द-ए-खाक नहीं किया जाएगा।
फरीद के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह उसके घर पर पहुंच गया। परिजनों और लोगों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक करने से इंकार कर दिया था। उनकी मांग थी कि उसकी हत्या करने के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। आरोपी दोनों सिपाहियों को बर्खास्त किया जाए। मृतक के परिवार को एक करोड़ की रुपये की आर्थिक मदद की जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। डीएम हृदय शंकर तिवारी और एसपी ने आश्वासन दिया
मृतक के परिवार की मदद के लिए शासन में लिखा जाएगा और ज्यादा से ज्यादा मदद कराई जाएगी। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित समेत अन्य लोगों ने कहा जब तक मांग पूरी नहीं होगी, जब तक शव को यहां से नहीं उठने दिया जाएगा। मौके पर पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष के पति योगेश धामा ने पीड़ित परिवार को 51 हजार रुपये मौके पर ही आर्थिक सहायता के लिए दिए।
बसपा के बागपत विधानसभा प्रत्याशी अहमद हमीद, डॉ. कुलदीप उज्ज्वल, राजुद्दीन, गुलाम मोहम्मद, लोकेश दीक्षित ने भी मौके पर 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। बाद में मेरठ के सिवाल खास विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद और राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने आश्वासन दिया शासन से मृतक के परिवार की दस लाख रुपये की आर्थिक मदद कराई जाएगी। इसके बाद लोग शांत हुए। दोपहर करीब ढाई बजे शव को सुपुर्द-ए-खाक किया।
सीएम को करा दिया घटना से अवगत
बागपत। राज्य सरकार के पशुधन विभाग के सलाहकार चौधरी साहब सिंह ने कहा फरीद की हत्या के मामले से दिल्ली में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतक के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी।
विधायक ने कोतवाल को हटाने की मांग उठाई
बागपत। हंगामे के दौरान विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। उन्होंने बागपत कोतवाली प्रभारी को हटवाने की मांग उठाई है।
हर तरह से कराएंगे सहायता
बागपत। डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा पीड़ित परिवार की हर तरह से मदद कराई जाएगी। हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा।