बहराइच। विकास खंड तेजवापुर के ग्राम विकास अधिकारी व पूर्व प्रधान पुत्र के बीच चल रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को पूर्व प्रधान समर्थकों द्वारा प्रदर्शन के बाद कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन की घोषणा की थी। इसके तहत शनिवार को विकास भवन व ब्लॉक कार्यालयों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे कामकाज ठप रहा। विकास भवन गेट पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। सभी शुक्रवार को प्रदर्शन के बहाने कार्यालय में घुसने वाले लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा।
विकास खंड तेजवापुर के ग्राम विकास अधिकारी अशफाक के साथ हुए मारपीट के मामले में ग्राम विकास अधिकारी संघ, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ, विकास भवन कर्मचारी संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, वाहन चालक व ग्रामीण कर्मचारी सफाई संघ एकजुट हो गया है। शुक्रवार को पूर्व ग्राम प्रधान सगीर के पुत्र के समर्थकों ने तेजवापुर ब्लॉक कार्यालय व विकास भवन कार्यालय पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया था। उसी के जवाब में शनिवार को कर्मचारी संगठन आंदोलित रहे। कर्मचारी सुबह 10 बजे समय से कार्यालय तो पहुंचे, लेकिन कोई भी अपने पटल पर नहीं बैठा। विकास भवन के कर्मचारियों ने संरक्षक संजय मिश्र व अध्यक्ष बृजेश कुमार की अगुवाई में विकास भवन गेट पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अध्यक्ष दुर्गेश ने कहा कि शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख विनोद त्रिपाठी के नेतृत्व में लोगों ने कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ अभद्रता की। जान से मारने की धमकी भी दी। ऐसे में जब तक सभी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन नहीं थमेगा।
ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष सोमनाथ शर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी अध्यक्ष हरिकेश बहादुर सिंह ने कहा कि पहले पयागपुर और उसके बाद तेजवापुर में भी ग्राम विकास अधिकारी के साथ मारपीट की गई। जब तक सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम नहीं होंगे, आंदोलन नहीं थमेगा। सभा को संगठन मंत्री देवेंद्र प्रसाद, सतीश कुमार त्रिपाठी, जगदीश प्रसाद वर्मा, बालकानंद वर्मा, संजय जैन, हरिश्चंद्र यादव, रामसागर, बलिराम सिंह ने संबोधित किया। उधर, ब्लॉक कार्यालयों पर भी कर्मचारियों का पूर्ण कार्य बहिष्कार पूरे दिन चला।