नानपारा (बहराइच)। संतकबीरनगर जिले के चुरेब रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में मृत नानपारा के एक व्यक्ति को उसके भाई ने अविवाहिता बताकर पहले उसका शव हासिल किया फिर चुपके से अंतिम संस्कार कर दिया। दो दिन बाद गांव के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो उन लोगों ने मुंबई में रह रहे मृतक के बेटे को मामले से अवगत कराया। बेटे ने नानपारा पहुंचकर तहसील में चाचा द्वारा की गई धोखाधड़ी की सूचना दी। उसने शुक्रवार को गांव पहुंची रेलवे की जांच टीम के सामने बयान दिया।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत बेचईपुरवा निवासी मुन्नीलाल (70) देवरिया जिले का मूल निवासी है। रेल हादसे के दिन वह नानपारा से देवरिया जा रहा था। मुन्नीलाल की पत्नी की अरसा पहले मौत हो चुकी थी। उसका बेटा मिथुन मुंबई में नौकरी करता है। घर पर किसी के न होने के चलते मुन्नीलाल मेहरबान नगर में अपने भाई अच्छेलाल के घर पर रहकर लिट्टी चोखा का काम करता था। बेटे के मुंबई से आने पर वह बेचईपुरवा गांव पहुंच जाता था। रेल हादसे में मुन्नीलाल की मौत की सूचना मिलने पर अच्छेलाल ने मुआवजा हड़पने के लिए संतकबीरनगर पहुंचकर मुन्नीलाल के अविवाहित होने की रिपोर्ट रेल अधिकारियों को दी। इसके बाद शव को मेहरबान नगर लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इसकी सूचना जब बेचईपुरवा गांव के लोगों को हुई तो गांव निवासी शीतला प्रसाद ने मुंबई में रह रहे मुन्नीलाल के बेटे को फोन से पिता के मौत की सूचना दी। मिथुन ने चाचा अच्छेलाल से संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस पर मिथुन दो दिन पूर्व नानपारा लौटा। तब उसे पता चला कि रेल हादसे में पिता की मौत हुई है। चाचा अच्छेलाल ने शव लाकर बिना उसे सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया। इस पर मिथुन ने तहसील के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद रेल के अधिकारियों को भी पूरा मामला बताया। उसी के तहत शुक्रवार को रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय लखनऊ से क्षेत्रीय प्रबंधक केएल यादव व गोरखपुर रेल कार्यालय से विशेषज्ञ केएन वर्मा की अगुवाई में दो टीमें नानपारा पहुंची। दोनों टीमों ने क्षेत्रीय लेखपाल धर्मराज के साथ बेचईपुरवा गांव पहुंचकर ग्रामीणों का बयान दर्ज किया। दोनों टीमों के अधिकारियों को पता चला कि मुन्नीलाल ने दो विवाह किया था। पहली पत्नी की मौत हो गई थी, जबकि दूसरी पत्नी का बेटा मिथुन है। गोरखपुर रेलवे टीम के विशेषज्ञ जांच अधिकारी केएन वर्मा ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि अच्छेलाल ने मुआवजा हड़पने के लिए पूरा खेल किया था।