बिल्थरारोड। उफनाई घाघरा की बेलगाम लहरें कहर बरपाने को आतुर हैं। सुबह से आधा सेमी प्रति घ्ाटे की रफ्तार से बढ़ रही घाघरा रात नौ बजे के बाद लाल निशान 67 मीटर को पार कर गई। केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि का पूर्वानुमान किया है। जलस्तर में निरंतर वृद्धि का क्रम जारी रहने से बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। आसन्न बाढ़ के मद्देनजर तटवर्ती वाशिंदों के होश उड़ गए है और वे सुरक्षित स्थानों पर पलायन के जुगत में लगे हुए हैं। तटवर्ती महुआतर, चैनपुर गुलौरा, मठिया, टंगुनिया, खैराखास, तुर्तीपार, मुजौना, मझवलिया, बिल्थराबाजार, पहिया, सोनबरसा, हल्दीरामपुर आदि ग्रामों के लोग बाढ़ की संभावना को लेकर भयाक्रांत है। नदी का पानी ग्रामों की सीमाओं पर दस्तक देने लगा है। किसानों की भूमि नदी में समाने लगी हैं। इसके सापेक्ष प्रशासन की ओर से बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे तटवर्ती लोगों में दहशत के साथ प्रशासन के प्रति नाराजगी दिख रही है।