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भूमिहार वोटबैंक पर सपा की नजर

Ballia Updated Fri, 19 Jul 2013 05:32 AM IST
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बलिया। नारद राय को मंत्री बनाकर सपा पूर्वांचल के भूमिहार (ब्रह्मर्षि) समाज में सेंधमारी के प्रयास में है, जो कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए तुरूप का पत्ता साबित होंगे। इसी के तहत घोसी लोकसभा क्षेत्र से राजीव राय को प्रत्याशी बनाया गया था। अब नारद राय को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने से तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
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पूर्वांचल के कई लोकसभा क्षेत्र भूमिहार मतों के मजबूत गढ़ हैं। कभी झारखंडे राय, सरयू पांडेय, गौरीशंकर राय, कल्पनाथ राय, मनोज सिन्हा आदि नेतृत्व में भूमिहार समाज रहा है। अब अपने पाले में खींचने के लिए सपा मुखिया ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सपा मुखिया ने राजीव राय और नारद राय को लोकसभा चुनाव से पहले सामने लाने का काम किया है। हालांकि वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से ही नारद राय को मंत्री बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। सूबे में पहली और दूसरी बार हुए मंत्री मंडल विस्तर में नारद राय को मंत्री पद न मिलने पर उनके समर्थक और खासकर भूमिहार समाज पार्टी मुखिया से काफी व्यथित भी था।सियासत के जानकारों का मानना है कि फेफना विधानसभा, जहां भूमिहार मतों का गढ़ है, वहां से अंबिका चौधरी को चुनाव हारने के पीछे भी भूमिहार मतों का एक जगह होना ही कारण माना जा रहा है। उस क्षेत्र से भाजपा के उपेंद्र तिवारी का विधायक बनना भी इसी का कारण माना जा रहा है। अब राजीव राय को घोसी लोकसभा सीट से उम्मीदवार और नारद राय को कैबिनेट मंत्री बनाना इस बात का संकेत है कि अब पूर्वांचल के बिखरते भूमिहार मतों को सपा बटोरने में जुटी है।
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