बलिया। सूरज की तल्खी के कारण एक तरफ धरती तप रही है, वहीं चुनाव मैदान में उतरे सियासतदार मतदाताओं को रिझाने के लिए गली-गली का खाक छान रहे हैं। जहां भीषण लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है वहीं एयरकंडिशन और लग्जरी गाड़ियों में रहने वाले कद्दावर नेता अपनी जीत के लिए मतदाताओं को अपनी तरफ करने के लिए पसीने बहा रहे हैं। चट्टी-चौराहे, खेत-खलिहान में इन्हें प्रतिदिन धूल फांकते देख जा सकता है। कुल मिलाकर बलिया और सलेमपुर लोकसभा का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। नामांकन के साथ ही प्रचार-प्रसार अपनी पूरी रौ में है।
हमेशा से कटाई व मड़ाई के बाद गरमी के मौसम में खाली पड़े खेत और विरान रहने वाली डड़ार इन दिनों गुलजार है। तीखी धूप से जमीन भले ही तप रही है, लेकिन सियासी लोग इस धूप की परवाह किए बिना एक-एक वोट के लिए घर-घर जाकर लोगों से गुजारिश कर रहे हैं। वहां पहुंच रहे हैं, जहां वह कभी जाना पसंद नहीं करते। वहीं वोटरों को मौन देख ज्यादातर उम्मीदवार उहापोह में हैं।
लोकसभा चुनाव में प्रमुख दलों के कई दिग्गजों के चेहरे पर भी हवाईयां उड़ रही हैं। कारण की उनके जातिगत वोट बैंक में सेंध लगने की जानकारी उन्हें मिल रही है। वोटों का बिखराव न हो इसके लिए हर तरह के पैंतरे अपनाए जा रहे हैं। वहीं बड़े से लेकर छोटे दल के उम्मीदवार अपनी तरफ से कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। मतदाताओं के लुभाने के लिए वे हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कोई विकास की बात कर हो तो कोई क्षेत्रीय मुद्दा पर दांव खेल रहा है। वहीं जागरूक जनता सुन तो सबका रहा है लेकिन वोट के दिन वह विकास को तरजीह देने को ठान लिया है।