बलिया। संयुक्त कर्मचारी चिकित्सा स्वास्थ्य व मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महासंघ के तत्वावधान में गुरुवार को अस्पताल परिसर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान अस्पताल कर्मियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेताया कि अगर तत्काल 24 घंटे की बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसकी जानकारी होने के बाद विद्युत महकमे के एसडीओ आशीष मौके पर पहुंचे और 24 घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे। चेताया कि अगर सदर अस्पताल को 24 घंटे की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
जिला अस्पताल में शासन के निर्देश के बाद 24 घंटे बिजली दी जा रही थी। जो बीते दो माह पूर्व तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ी हुई थी। बार-बार कर्मचारियों द्वारा मांग किए जाने और अधिशासी अभियंता के आश्वासन के बाद भी 24 घंटे की बिजली जब बहाल नहीं की गई तो अस्पताल कर्मचारी नाराज हो गए। संयुक्त कर्मचारी चिकित्सा स्वास्थ्य व मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महासंघ के तत्वावधान में गुरुवार को अस्पताल परिसर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठ गए। जिससे अस्पताल की ओपीडी सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई। जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए मरीजों को अपने मर्ज का उपचार कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ा। इसके बाद विभागीय अफसरों ने जिला प्रशासन इसकी जानकारी दे दी। जिला प्रशासन ने विभागीय अफसरों को मौके पर जाकर तत्काल आंदोलन को समाप्त कराने का निर्देश दिया। अफसरों के निर्देश पर विद्युत विभाग के नगर एसडीओ और अवर अभियंता मौके पर पहुंच गए। कर्मचारियों को समझाने बुझाने के बाद लिखित आश्वासन दिया गया कि 24 घंटे के भीतर अस्पताल की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी। तब जाकर कर्मचारी शांत हुए। इस मौके संगठन की नेता सत्या सिंह ने चेताया कि 24 घंटे की बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे जिले के अन्य विभागों के कर्मचारियों के साथ आंदोलन करेंगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सीएमओ डा. मंसूर अहमद, सीएमएस डा. पीएन नाडर, डा. एसपी राय, डा. रामफुलार, डा. पीके गुप्ता, अवधेश कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, एसएन राय, बीएन गिरी, रीतेश श्रीवास्तव, गीता सिंह, रमावती पांडेय, रमावती सिंह, रामनिवास राम, नीरज राय, रमाशंकर शुक्ल, हरिशंकर शुक्ल आदि मौजूद रहे।